छत्तीसगढ़ पीडब्ल्यूडी की 'निर्माण मंथन' कार्यशाला: डिप्टी सीएम अरुण साव बोले- "विकसित छत्तीसगढ़ के शिल्पकार हैं अभियंता, गुणवत्ता और समयबद्धता से करें काम"
गुणवत्ता और समयबद्धता पर जोर: निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं; सड़कों की परफॉर्मेंस गारंटी अवधि 3 से बढ़ाकर 5 साल की गई।
रायपुर: छत्तीसगढ़ को विकसित राज्यों की श्रेणी में खड़ा करने की दिशा में लोक निर्माण विभाग (PWD) ने अपनी कार्यशैली को और धार देना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में बुधवार, 4 नवंबर 2026 को पीडब्ल्यूडी के विभागीय अभियंताओं (Engineers) के लिए एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला ‘निर्माण मंथन’ का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यशाला में प्रदेशभर से आए मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं, कार्यपालन अभियंताओं, सहायक अभियंताओं और उप अभियंताओं ने हिस्सा लिया। एनआईटी (NIT) रायपुर के विशेषज्ञों और वरिष्ठ अधिकारियों ने अभियंताओं को सड़क, पुल, भवन निर्माण, गुणवत्ता नियंत्रण (Quality Control), सर्वेक्षण और टेंडर प्रक्रिया से जुड़े तकनीकी पहलुओं का प्रशिक्षण दिया।
'विकसित छत्तीसगढ़ के शिल्पकार हैं अभियंता'
प्रदेशभर के इंजीनियरों को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि आप सभी विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के असली शिल्पकार हैं। अपनी इस भूमिका और दायित्व का पूरी गंभीरता व सक्रियता से निर्वहन कर राज्य की अधोसंरचना (Infrastructure) को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग राज्य के विकास का 'ग्रोथ-इंजन' है और राज्य गठन के बाद पिछले 26 वर्षों में आए बड़े बदलाव में विभाग की ऐतिहासिक भूमिका रही है।
श्री साव ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि अब छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद की समाप्ति के बाद विकास कार्यों के लिए किसी भी तरह की प्रतिकूलता नहीं है, बल्कि पूरा माहौल अनुकूल है। उन्होंने अभियंताओं को सलाह दी कि वे पुरानी घिसी-पिटी पद्धतियों (Patterns) पर चलने के बजाय अपनी मौलिकता, क्षमता और आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर श्रेष्ठ कार्य करें। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि खराब या त्रुटिपूर्ण कार्य से पूरे विभाग की प्रतिष्ठा पर सवाल उठते हैं, इसलिए फील्ड से लेकर फाइल तक पूरी सक्रियता बनाए रखें।
फील्ड और फाइल दोनों रखें दुरुस्त: सचिव मुकेश कुमार बंसल
लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने कार्यशाला में अभियंताओं को प्रेरित करते हुए कहा कि सकारात्मक सोच, टीम-वर्क और स्वप्रेरणा के साथ अनुशासित होकर काम करें। उन्होंने निर्देश दिए कि सड़कों पर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए 'ब्लैक-स्पॉट्स' को दूर करने पर विशेष और गंभीर रूप से काम किया जाए। साथ ही, ठेकेदारों और निर्माण एजेंसियों के साथ हुए अनुबंधों का कड़ाई से पालन कराने और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर नए प्रस्ताव तैयार करने पर जोर दिया।
सामग्री की गुणवत्ता की कड़ाई से जांच के बाद ही हो भुगतान: वी.के. भतपहरी
विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी ने गुणवत्ता नियंत्रण पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि विभाग लगातार सुधार की दिशा में अग्रसर है। इसी के तहत सड़कों की परफॉर्मेंस गारंटी अवधि 3 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष कर दी गई है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अधिकारी कन्सल्टेंट या एजेंसियों के भरोसे न बैठें, बल्कि निर्माण सामग्री और कार्यों की खुद कड़ाई से जांच-परख करने के बाद ही ठेकेदारों का भुगतान सुनिश्चित करें। उन्होंने सड़कों की मजबूती के लिए फ्लाई-एश के उचित उपयोग की भी जानकारी दी।
इन तकनीकी विषयों पर हुआ विशेष प्रशिक्षण:
कार्यशाला के दौरान विभिन्न सत्रों में तकनीकी विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया:
सड़क निर्माण तकनीकें: रोलर कॉम्पैक्टेड कंक्रीट, व्हाइट टॉप कंक्रीट और फ्लेक्सिबल पेवमेंट।
पुल एवं भवन निर्माण: सेतु परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री एस.के. कोरी द्वारा पुल निर्माण व गुणवत्ता नियंत्रण तथा भवन रखरखाव के गुर सिखाए गए।
सर्वेक्षण और प्राक्कलन: कार्यपालन अभियंता श्री पी.के. गुप्ता ने सर्वेक्षण व प्राक्कलन (Estimation) पर प्रशिक्षण दिया।
निविदा एवं डिजिटल प्रक्रिया: अपर सचिव श्री एस.एन. श्रीवास्तव ने टेंडर दस्तावेजों की प्रक्रिया समझाई। वहीं, सीग्रिडकल (CGRIDCL) के अतिरिक्त प्रबंध संचालक श्री शशांक पाण्डेय ने WAMIS, GePNIC पोर्टल और पंजीयन प्रक्रियाओं से जुड़ी बारीकियों का प्रशिक्षण दिया।

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