महासमुंद में धान खरीदी की तैयारियां तेज: कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने दिए सख्त निर्देश, 15 नवंबर से शुरू होगा उपार्जन
महासमुंद, 04 नवंबर 2026: खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के तहत समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन की तैयारियों को लेकर महासमुंद जिले में प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने वन विभाग के प्रशिक्षण हॉल में जिला स्तरीय नोडल अधिकारियों और समिति प्रबंधकों की एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण सह समीक्षा बैठक ली। बैठक में धान खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी, सुचारू और व्यवस्थित बनाने के लिए कड़े दिशा-निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि धान खरीदी में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसा पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रमुख बिंदु और मुख्य निर्देश:
खरीदी की अवधि: जिले में समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी 15 नवंबर से शुरू होकर 15 जनवरी 2027 तक चलेगी।
धान खरीदी की मात्रा: राज्य शासन के निर्णयानुसार इस वर्ष किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की जाएगी।
कुल उपार्जन केंद्र: इस वर्ष जिले में कुल 202 धान उपार्जन केंद्रों पर धान खरीदा जाएगा। इसमें पिछले वर्ष संचालित केंद्रों के अलावा 20 नए उपार्जन केंद्र भी शामिल हैं।
टोकन व्यवस्था (टोकन तुहर हाथ ऐप):
2 एकड़ तक के किसानों को 1 टोकन
10 एकड़ तक के किसानों को 2 टोकन
10 एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों को 3 टोकन प्रदान किए जाएंगे।
पंजीयन प्रक्रिया: कुल पंजीयन का 70 प्रतिशत मोबाइल ऐप के माध्यम से और 30 प्रतिशत समिति के माध्यम से किया जाएगा।
35 निर्धारित बिंदुओं पर होगी व्यवस्थाओं की जांच
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी 202 उपार्जन केंद्रों में खरीदी शुरू होने से पहले 35 निर्धारित बिंदुओं के आधार पर व्यवस्थाओं का सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाए।
तकनीकी एवं बुनियादी सुविधाएं: केंद्रों पर इंटरनेट कनेक्टिविटी, अस्थायी विद्युत कनेक्शन, कंप्यूटर सेट, प्रिंटर, यूपीएस, और जनरेटर की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही आवश्यक सॉफ्टवेयर डाउनलोड करने और सीसीटीवी कैमरे लगवाने के निर्देश दिए गए।
वजन और मापतौल: इलेक्ट्रॉनिक कांटा-बांट का विधिक माप विज्ञान विभाग से सत्यापन कराना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही आर्द्रतामापी यंत्र (Moisture Meter) की खरीदी और उसका कैलिब्रेशन भी समय पर पूरा करने को कहा गया है।
सुरक्षा और भंडारण: बारदानों की पर्याप्त उपलब्धता, स्टेंसिल, दीमक रोधी दवाइयां, रंग, सुतली, डनेज के लिए सीमेंट ब्लॉक या फ्लाई ऐश, प्लास्टिक बैग, धान की भूसी और तिरपाल की मुकम्मल व्यवस्था हो।
किसानों के लिए सुविधाएं: धान बेचने आने वाले किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए प्रत्येक केंद्र पर पेयजल, प्राथमिक उपचार पेटी, शौचालय, हेल्प डेस्क, प्रशासनिक भवन और बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। समर्थन मूल्य से जुड़ी जानकारी और समिति प्रभारियों के संपर्क नंबर बैनर-पोस्टर के जरिए प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाएं।
अवैध धान खरीदी पर कड़ी नजर: उड़नदस्ता टीमें गठित
कलेक्टर ने दो टूक कहा कि अवैध धान खरीदी और बिचौलियों की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। निगरानी के लिए कंट्रोल यूनिट के माध्यम से विशेष टीम और प्रत्येक तहसील में उड़नदस्ता टीम (Flying Squad) का गठन किया गया है। गड़बड़ी में लिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
बैठक के अंत में सभी नोडल अधिकारियों को अपने आवंटित उपार्जन केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने और समय रहते सभी कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए, ताकि निर्धारित तिथि से सुचारू रूप से धान खरीदी का कार्य प्रारंभ हो सके।

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