राजस्व कार्यों में लापरवाही और हड़ताल में शामिल होना पड़ा भारी: महासमुंद कलेक्टर के निर्देश पर 5 पटवारी निलंबित
महासमुंद। जिला प्रशासन ने किसानों से जुड़े राजस्व कार्यों में घोर लापरवाही बरतने और शासकीय कार्यों में प्रगति न लाने वाले कर्मचारियों पर कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर श्री विनय लंगेह के सख्त निर्देश के बाद, राजस्व कार्यों में शिथिलता बरतने और हड़ताल पर जाने के कारण जिले के 5 पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
यह कार्रवाई संबंधित अनुविभागीय अधिकारियों (SDM) द्वारा जारी आदेश के तहत की गई है।
इन कारणों से हुई कार्रवाई
किसानों के राजस्व संबंधी कार्यों में लापरवाही: किसानों के लंबित आवेदनों और राजस्व प्रकरणों का समय पर निराकरण न करना।
पंजीयन पीवी सत्यापन में धीमी गति: जमीन पंजीयन से जुड़े भौतिक सत्यापन (PV Verification) कार्य में संतोषजनक प्रगति न होना।
डीसीएस (DCS) सर्वे में अरुचि: डिजिटल क्रॉप सर्वे (DCS) जैसे महत्वपूर्ण शासकीय कार्य में अपेक्षित सुधार और प्रगति न दिखाना।
अनधिकृत हड़ताल में शामिल होना: शासकीय सेवा में रहते हुए कार्य बहिष्कार और हड़ताल में शामिल होना।
ये पटवारी हुए निलंबित
अनुविभागीय अधिकारियों द्वारा जारी पृथक-पृथक निलंबन आदेश के तहत निम्नलिखित कर्मचारियों पर गाज गिरी है:
श्री भंगी राम ध्रुव – तहसील बागबाहरा
श्री कमलेश डहरे – तहसील बागबाहरा
श्री नीरज कुमार वर्मा – तहसील बागबाहरा
श्री तिलक राम चौधरी – अनुविभाग बसना
श्रीमती दमयंती नायक – अनुविभाग सरायपाली
जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता
जारी निलंबन आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निलंबन की इस अवधि के दौरान सभी संबंधित पटवारियों का मुख्यालय निर्धारित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में इन्हें नियमानुसार केवल जीवन निर्वाह भत्ता (Subsistence Allowance) की ही पात्रता होगी।
प्रशासन की चेतावनी
कलेक्टर विनय लंगेह की इस सख्त कार्रवाई से राजस्व विभाग के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि किसानों के हितों से जुड़े कार्यों, गिरदावरी/सर्वे और जमीन पंजीयन संबंधी मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या काम रोको रवैये को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी कर्मचारियों को अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करने की सख्त ताकीद की गई है।

Social Plugin