पीएमएफएमई योजना से साकार हुआ राइस मिल का सपना, आधुनिक सॉर्टेक्स मशीन से कारोबार को मिली नई उड़ान
28.01 लाख रुपये की वित्तीय सहायता से चावल की गुणवत्ता में सुधार, प्रसंस्करण में नुकसान कम और दो लोगों को मिला रोजगार
महासमुंद। सरकारी योजनाओं का सही लाभ मिले तो छोटे उद्यम भी सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकते हैं। इसका उदाहरण महासमुंद के उद्यमी अमित बंसल हैं, जिन्होंने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) की मदद से अपने राइस मिल व्यवसाय को आधुनिक तकनीक से जोड़कर नई दिशा दी है। योजना के तहत मिली वित्तीय सहायता से उन्होंने आधुनिक सॉर्टेक्स मशीन स्थापित की, जिससे चावल की गुणवत्ता में सुधार हुआ, प्रसंस्करण के दौरान होने वाला नुकसान कम हुआ और रोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए।
चना व्यवसाय से राइस मिल तक का सफर
अमित बंसल लंबे समय से चना आधारित उत्पादों के व्यवसाय से जुड़े हुए थे। बाद में उन्होंने राइस मिल की स्थापना कर खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में अपने कारोबार का विस्तार किया। हालांकि, राइस मिल में सॉर्टेक्स मशीन नहीं होने के कारण चावल की गुणवत्ता बनाए रखने और धान के प्रसंस्करण में उन्हें नुकसान का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में आधुनिक मशीनरी की आवश्यकता उनके व्यवसाय के विस्तार में बड़ी चुनौती बन रही थी।
इसी दौरान जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, महासमुंद के माध्यम से उन्हें प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना की जानकारी मिली। योजना का लाभ लेने के लिए अमित बंसल ने ऑनलाइन आवेदन किया और आवश्यक दस्तावेज जमा किए। इसके बाद जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र ने उनका प्रकरण भारतीय स्टेट बैंक की पंडरी शाखा, रायपुर को भेजा।
बैंक की ओर से कार्रवाई के बाद 28 लाख 1 हजार 48 रुपये की राशि स्वीकृत एवं वितरित की गई। इस वित्तीय सहायता से अमित बंसल ने अपनी राइस मिल के लिए आधुनिक सॉर्टेक्स मशीन खरीदी और स्थापित की।
गुणवत्ता में सुधार, नुकसान कम और कारोबार मजबूत
सॉर्टेक्स मशीन लगने के बाद राइस मिल में चावल की गुणवत्ता में सुधार आया है। धान प्रसंस्करण के दौरान होने वाला नुकसान भी काफी कम हुआ है। आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से उत्पादन प्रक्रिया अधिक प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण बनी है। इससे न केवल व्यवसाय को मजबूती मिली, बल्कि उद्यम के विस्तार की संभावनाएं भी बढ़ी हैं।
लोगों को मिला अतिरिक्त रोजगार
योजना का लाभ केवल व्यवसाय तक सीमित नहीं रहा। मशीन स्थापित होने के बाद अमित बंसल ने अपनी इकाई में अतिरिक्त लोगों को रोजगार भी दिया। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने में भी मदद मिली है।
अमित बंसल का कहना है कि पीएमएफएमई योजना से मिली सहायता ने उनके व्यवसाय को नई दिशा दी है। आधुनिक मशीनरी के उपयोग से कामकाज की क्षमता बढ़ी है और उत्पाद की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। उन्होंने इस सहयोग के लिए भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय और पीएमएफएमई योजना के प्रति आभार व्यक्त किया।
पीएमएफएमई योजना छोटे खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को आधुनिक तकनीक अपनाने, कारोबार का विस्तार करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने में मदद कर रही है। अमित बंसल की सफलता की कहानी इस बात को रेखांकित करती है कि उचित वित्तीय सहयोग और तकनीकी उन्नयन से स्थानीय उद्यम आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।


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