सीएम पोर्टल की शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई
बसना में निजी अस्पतालों, पैथोलॉजी लैब और मेडिकल स्टोर का औचक निरीक्षण, कई गंभीर अनियमितताएं उजागर
नियमों के उल्लंघन पर कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश, जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर होगी सख्त कार्रवाई
महासमुंद, 26 अक्टूबर 2026। सीएम पोर्टल पर प्राप्त शिकायत के आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने बसना क्षेत्र के निजी अस्पतालों, पैथोलॉजी लैब और मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण किया। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. आर.के. सिंह के नेतृत्व में गठित जांच दल ने विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में नर्सिंग होम एक्ट तथा शासन के स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देशों के पालन की जांच की। इस दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। संबंधित संस्थानों के संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी करने और निर्धारित समय-सीमा में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
जांच दल में सीएमएचओ, सहायक नोडल अधिकारी (नर्सिंग होम एक्ट), खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) तथा जिला समन्वयक (आयुष्मान भारत) शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं, चिकित्सकों की उपस्थिति, उपचार व्यवस्था और आवश्यक दस्तावेजों की जांच की।
सीएमएचओ ने अस्पताल परिसरों और वार्डों में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने तथा निर्धारित ड्यूटी रोस्टर के अनुसार चिकित्सकों की 24 घंटे उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों और उनके परिजनों के साथ संवेदनशीलता, विनम्रता एवं शालीनता से व्यवहार करने की हिदायत भी दी।
श्री गोविंद अस्पताल में लैब टेक्नीशियन अनुपस्थित
बसना स्थित श्री गोविंद अस्पताल के निरीक्षण के दौरान प्रयोगशाला में लैब टेक्नीशियन अनुपस्थित मिले। अस्पताल प्रबंधन ने उनके भोजन अवकाश पर होने की जानकारी दी। इस पर सीएमएचओ ने निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रयोगशाला का संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अस्पताल प्रबंधन को आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र मरीजों का नियमानुसार उपचार करने, आयुष्मान कार्ड बनाने तथा योजना से संबंधित जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के लिए भी कहा गया।
बसना पैथोलॉजी लैब में अनुमति के दायरे से बाहर जांच का मामला
बसना स्थित पैथोलॉजी लैब के निरीक्षण में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच दल के अनुसार, योग्य पैथोलॉजिस्ट की अनुपस्थिति में जांच की जा रही थी। इसके अलावा, लैब को प्राप्त अनुमति के दायरे से बाहर की जांचें भी संचालित किए जाने की जानकारी मिली।
निरीक्षण के दौरान तीन ऐसे कर्मचारी भी कार्यरत पाए गए, जो राज्य के अन्य संस्थानों में नियमित रूप से अध्ययनरत हैं। उल्लेखनीय है कि इस लैब के विरुद्ध पूर्व में भी सील करने की कार्रवाई की जा चुकी है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमएचओ ने लैब संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी करने, निर्धारित समय-सीमा में जवाब प्रस्तुत करने तथा व्यवस्थाओं में सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निर्धारित अवधि में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अवलेडी अस्पताल में उपचार व्यवस्था पर उठे सवाल
अवलेडी अस्पताल के निरीक्षण के दौरान ऑपरेशन थिएटर संचालित मिला और प्रसव के बाद कई महिलाएं अस्पताल में भर्ती थीं। मौके पर केवल एक बीएचएमएस चिकित्सक उपस्थित मिले।
जांच दल के अनुसार, चिकित्सकीय निगरानी और आवश्यक दस्तावेजी अनुमोदन के बिना रक्त चढ़ाने, नर्सिंग स्टाफ द्वारा स्वयं को चिकित्सक के रूप में प्रस्तुत करने तथा प्रसव एवं आपातकालीन सेवाओं में निर्धारित प्रोटोकॉल का उल्लंघन किए जाने जैसी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। दवाओं के उपयोग में भी शासन के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किए जाने की जानकारी मिली।
इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल प्रबंधन के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रबंधन से निर्धारित समय-सीमा में जवाब मांगा जाएगा। जवाब और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
साव मेडिकल में खुले इंजेक्शन और सिरिंज मिले
बसना क्षेत्र के बंसुला स्थित साव मेडिकल में मेडिकल स्टोर की आड़ में अनधिकृत रूप से मरीजों का उपचार किए जाने की शिकायत पर जांच की गई। निरीक्षण के समय दुकान में कोई मरीज उपचाररत नहीं मिला, लेकिन वहां खुले इंजेक्शन, सिरिंज और अन्य चिकित्सीय सामग्री पाई गई।
इस मामले में भी संचालक से जवाब तलब करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग द्वारा मामले की जांच कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आमजन के स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
CMHO डॉ. आर.के. सिंह ने स्पष्ट किया कि आमजन के स्वास्थ्य और जीवन की सुरक्षा स्वास्थ्य विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी निजी अस्पतालों, पैथोलॉजी लैबों और मेडिकल स्टोरों के लिए निर्धारित नियमों, पंजीयन की शर्तों तथा स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है।
उन्होंने संबंधित संस्थानों को निर्धारित समय-सीमा में जवाब प्रस्तुत करने और निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों में सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जवाब संतोषजनक नहीं मिलने अथवा अनियमितताएं जारी रहने पर नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित संस्थान को सील करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।

Social Plugin