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Crime News : जमीन के कागजात और घरेलू सामान पर छिड़ा संग्राम, बात नहीं बनी तो कार की हुई ‘धुलाई’ ! बसना थाने में दर्ज हुई FIR

 


जमीन के कागजात और घरेलू सामान पर छिड़ा संग्राम, बात नहीं बनी तो कार की हुई ‘धुलाई’ !

मामा से अपना सामान मांगने पहुंचे भांजे को कथित तौर पर मिली गालियां, बेटों पर कार में तोड़फोड़ का आरोप

बसना। मामा-भांजे का रिश्ता आमतौर पर प्यार, दुलार और अपनत्व के लिए जाना जाता है, लेकिन जब मामला जमीन के दस्तावेजों और घरेलू सामान का हो, तो रिश्तों की गाड़ी किस मोड़ पर पहुंच जाए, कहना मुश्किल है। बसना थाना क्षेत्र के ग्राम परसकोल में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां भांजे का आरोप है कि वह अपने मामा के पास रखे जमीन संबंधी दस्तावेज और घरेलू सामान लेने पहुंचा था, लेकिन सामान तो मिला नहीं, उल्टे विवाद बढ़ गया और उसकी कार भी कथित तौर पर क्षतिग्रस्त कर दी गई।

कार से पहुंचे थे सामान लेने, विवाद में कार ही बन गई निशाना !
प्राप्त एफआईआर के अनुसार, ग्राम गोडमर्रा निवासी दीपक प्रधान (32) खेती-किसानी का काम करते हैं। दीपक का कहना है कि 24 अक्टूबर 2026 को शाम करीब 4 बजे वह अपनी मारुति अर्टिगा कार क्रमांक CG04PQ0727 से अपने मामा राधेश्याम भोई के घर ग्राम परसकोल पहुंचे थे। मकसद था मामा के पास रखे जमीन संबंधी दस्तावेज और घरेलू सामान वापस लेना।

लेकिन दीपक के आरोप के मुताबिक, मामा राधेश्याम भोई और उनके बेटे निलेश भोई तथा दिपेश भोई ने सामान देने से इनकार कर दिया। इसके बाद कथित तौर पर अश्लील गाली-गलौज शुरू हो गई। आरोप है कि विवाद के दौरान निलेश और दिपेश ने दीपक की कार में तोड़फोड़ कर दी।

दस्तावेजों पर विवाद, कार को नुकसान और थाने में शिकायत !
मामले में विडंबना यह है कि दीपक अपनी जमीन के कागजात और घरेलू सामान लेने पहुंचे थे, लेकिन शिकायत के मुताबिक, विवाद इस कदर बढ़ा कि उनकी कार भी इसकी चपेट में आ गई। यानी सामान वापस मिला या नहीं, यह तो जांच का विषय है, लेकिन शिकायत में कार के क्षतिग्रस्त होने का आरोप जरूर दर्ज हो गया।

दीपक ने अपनी शिकायत में सुरेश साईं, आनंद भोई और अन्य लोगों को घटना का गवाह बताया है। उन्होंने पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।

बसना थाने में दर्ज हुई एफआईआर
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, थाना बसना में एफआईआर क्रमांक 0591/2026 दिनांक 24 अक्टूबर 2026 को रात 9:07 बजे दर्ज की गई। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 3(5) और 324(2) का उल्लेख है। फिलहाल, एफआईआर में दर्ज आरोपों के आधार पर मामले की आगे की कार्रवाई पुलिस करेगी। 

रिश्तों की गाड़ी और असली गाड़ी—दोनों का मामला अब पुलिस के पास !
जमीन के कागजात और घरेलू सामान को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है। अब देखना यह है कि जांच में विवाद की असल वजह और कार को नुकसान पहुंचाने की घटना को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं। आखिरकार, पारिवारिक विवाद में कागजात का हिसाब तो जांच से हो सकता है, लेकिन अगर कार को नुकसान पहुंचा है, तो उसका हिसाब भी कानून के दायरे में ही होगा।

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