राष्ट्रपति के कार्यक्रम में बसना विधायक की ‘नो एंट्री’ !
VIP पास नहीं होने पर प्रवेश द्वार पर रोके गए विधायक संपत अग्रवाल, बाद में जारी हुआ पास तो मिली एंट्री; सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
रायपुर। राष्ट्रपति के कार्यक्रम में जब एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि को ही प्रवेश द्वार पर रोक दिया जाए, तो सवाल उठना लाजिमी है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यक्रम के दौरान ऐसा ही घटनाक्रम सामने आया। भाजपा विधायक एवं बसना विधानसभा क्षेत्र के विधायक संपत अग्रवाल को शुरुआत में वीआईपी पास नहीं होने के कारण प्रवेश द्वार पर रोक दिया गया। उन्हें पहले बिना कार्यक्रम में शामिल हुए लौटना पड़ा, लेकिन बाद में वीआईपी पास जारी होने पर वे अन्य विधायकों के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए।
इस घटनाक्रम ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा छेड़ दी है। सवाल यह है कि आखिर एक विधायक को पहले प्रवेश से क्यों रोका गया? क्या पास जारी करने की व्यवस्था में कोई चूक हुई थी या फिर प्रवेश संबंधी निर्देशों में स्पष्टता का अभाव था? फिलहाल, विधायक को शुरुआत में रोके जाने के पीछे की आधिकारिक वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है।
पहले रोका, फिर जारी हुआ VIP पास
जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गुरुवार को छत्तीसगढ़ दौरे पर रायपुर पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने इंडोर स्टेडियम में आयोजित सेवा सम्मान पर्व एवं युवा प्रबोधन कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे बसना विधायक संपत अग्रवाल को प्रवेश द्वार पर रोक दिया गया। बताया गया कि उनके पास वीआईपी पास नहीं था, जिसके चलते उन्हें शुरुआत में प्रवेश नहीं मिल सका। बाद में वीआईपी पास जारी होने के बाद वे कार्यक्रम में शामिल हुए।
इस पूरे घटनाक्रम ने प्रवेश व्यवस्था और समन्वय को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब राष्ट्रपति जैसे संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति के कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाती है, तो प्रवेश संबंधी व्यवस्थाओं में स्पष्टता और समुचित समन्वय की अपेक्षा की जाती है।
विधायक ने खुद की पुष्टि, बोले—हां, मुझे रोका गया था
इस मामले में बसना विधायक संपत अग्रवाल ने भी प्रवेश द्वार पर रोके जाने की बात स्वीकार की है।
उन्होंने कहा, "हां, मुझे अंदर जाने से रोका गया था। हालांकि, बाद में VIP पास जारी किया गया और मैं भी कार्यक्रम में शामिल हुआ।"
विधायक के इस बयान के बाद घटनाक्रम की पुष्टि तो होती है, लेकिन उन्हें शुरुआत में प्रवेश क्यों नहीं दिया गया और बाद में पास जारी करने की नौबत क्यों आई, इन सवालों का जवाब अब भी सामने आना बाकी है।
व्यवस्था में चूक या पास को लेकर असमंजस ?
राष्ट्रपति के कार्यक्रम में सुरक्षा और प्रवेश संबंधी नियमों का पालन आवश्यक होता है। ऐसे आयोजनों में वीआईपी पास की व्यवस्था भी सुरक्षा प्रोटोकॉल का हिस्सा हो सकती है। हालांकि, इस मामले में विधायक को प्रवेश से रोकने के पीछे का वास्तविक कारण स्पष्ट नहीं है।
ऐसे में यह कहना जल्दबाजी होगी कि घटना के पीछे प्रशासनिक लापरवाही थी या कोई अन्य कारण। लेकिन एक जनप्रतिनिधि को पहले रोकने और फिर पास जारी कर प्रवेश देने की स्थिति ने आयोजन की व्यवस्थाओं पर सवाल जरूर खड़े किए हैं।
राष्ट्रपति ने युवाओं को दिया आगे बढ़ने का संदेश
इंडोर स्टेडियम में आयोजित सेवा सम्मान पर्व एवं युवा प्रबोधन कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने युवाओं को लक्ष्य निर्धारित करने, निरंतर मेहनत करने और समर्पण के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
एक ओर कार्यक्रम में युवाओं को अनुशासन, परिश्रम और समर्पण का संदेश दिया जा रहा था, वहीं दूसरी ओर एक विधायक को प्रवेश के लिए इंतजार करना पड़ा। यही घटनाक्रम अब चर्चा का विषय बना हुआ है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है—जब बाद में वीआईपी पास जारी कर विधायक को प्रवेश दिया जा सकता था, तो शुरुआत में उन्हें रोका क्यों गया? इस मामले में संबंधित प्रशासन की ओर से स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी।

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