खैर लकड़ी तस्करी सिंडिकेट पर महासमुंद पुलिस का बड़ा प्रहार! हिमाचल में ₹1.70 करोड़ नकद बरामद, हरियाणा के गोदाम से 15 टन अवैध लकड़ी जब्त
70 टन खैर लकड़ी जब्त, फर्जी एनओसी-बिलिंग के अंतरराज्यीय नेटवर्क पर शिकंजा; हिमाचल प्रदेश से 67 वर्षीय आरोपी सतपाल सिंह गिरफ्तार
महासमुंद । महासमुंद पुलिस ने खैर लकड़ी की अवैध तस्करी, फर्जी एनओसी और बिलिंग के जरिए करोड़ों रुपये के कथित काले कारोबार का खुलासा करते हुए अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने हिमाचल प्रदेश में दबिश देकर तस्करी से अर्जित बताई जा रही 1 करोड़ 70 लाख रुपये की नकदी जब्त की है, वहीं हरियाणा के गुरुग्राम स्थित ‘श्री बालाजी ट्रेडिंग’ के गोदाम से करीब 15 टन अवैध खैर लकड़ी बरामद की है। इस मामले में हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले से ‘शिव ट्रेडर्स’ के संचालक सतपाल सिंह (67) को गिरफ्तार किया गया है।
महासमुंद पुलिस के मुताबिक, ओडिशा, मध्यप्रदेश, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में गिरोह के विभिन्न ठिकानों पर कार्रवाई करते हुए अब तक कुल 70 टन अवैध खैर लकड़ी जब्त की जा चुकी है। इस कार्रवाई से कथित अंतरराज्यीय तस्करी और फर्जी दस्तावेजों के नेटवर्क में हड़कंप मचा हुआ है।
हिमाचल में दबिश, 1.70 करोड़ की नकदी जब्त
प्रकरण की आगे की विवेचना और आरोपियों की तलाश के दौरान महासमुंद पुलिस की विशेष टीम ने हिमाचल प्रदेश में उन ठिकानों पर दबिश दी, जहां पुलिस के अनुसार आरोपी मनीष अग्रवाल को अवैध खैर लकड़ी खपाने में सहायता दी जाती थी। इस कार्रवाई में मनीष अग्रवाल और संजय छाबड़िया की खैर लकड़ी तस्करी से अर्जित बताई गई कुल 1,70,00,000 रुपये की नकदी बरामद कर विधिवत जब्त की गई।
गौरतलब है कि इससे पहले 7 सितंबर 2026 को आरोपी मनीष अग्रवाल के ग्राम मुड़पार, थाना सरसींवा स्थित मकान पर दबिश देकर पुलिस ने 81 लाख रुपये नकद जब्त किए थे। इस तरह मामले में अलग-अलग कार्रवाइयों के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी बरामद की गई है।
गुरुग्राम के गोदाम में मिली 15 टन खैर लकड़ी
महासमुंद पुलिस की टीम ने 10 अक्टूबर 2026 को हरियाणा के गुरुग्राम जिले की पटौदी तहसील के ग्राम बहोड़ा कलां स्थित ‘श्री बालाजी ट्रेडिंग’ के गोदाम में दबिश दी। पुलिस के अनुसार, यह फर्म आरोपी मनीष अग्रवाल से संबंधित है। गोदाम की तलाशी के दौरान करीब 15 टन खैर लकड़ी बरामद हुई, जिसे विधिवत जब्त किया गया।
पुलिस की जांच में इस पूरे मामले के तार कई राज्यों से जुड़ते नजर आए हैं। ओडिशा, मध्यप्रदेश, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में की गई कार्रवाई के बाद जब्ती का आंकड़ा 70 टन तक पहुंच गया है।
फर्जी बिलिंग का कथित खेल, बिना माल के करोड़ों का लेन-देन
इस मामले की शुरुआत वन परिक्षेत्र अधिकारी पिथौरा के आवेदन पर दर्ज अपराध से हुई। आरोप है कि 23,350 किलोग्राम खैर लकड़ी के अवैध परिवहन के लिए इस्तेमाल किए गए एनटीपीएस (NTPS) एनओसी में कूटरचना की गई और फर्जी दस्तावेजों का वास्तविक दस्तावेजों की तरह उपयोग कर धोखाधड़ी की गई।
पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य कथित तौर पर बिना वास्तविक खैर लकड़ी की आपूर्ति के विभिन्न फर्मों से फर्जी बिल तैयार कराते थे। इन बिलों को वैध दर्शाने के लिए वन विभाग के फर्जी ट्रांजिट पास तैयार करने और एचएसएन कोड का दुरुपयोग करने का आरोप है।
जांच में सामने आए वित्तीय लेन-देन के आधार पर पुलिस का दावा है कि ‘शिव ट्रेडर्स’ के संचालक सतपाल सिंह ने पिछले तीन वर्षों में बैंक खातों के माध्यम से कई बार रकम का लेन-देन किया और फर्जी बिलों को वैध दिखाने के प्रयास किए। पुलिस इस पूरे वित्तीय नेटवर्क और अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
हिमाचल से गिरफ्तार हुआ ‘शिव ट्रेडर्स’ का संचालक
महासमुंद पुलिस ने 12 अक्टूबर 2026 को हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के कालाअंब से सतपाल सिंह (67), पिता स्वर्गीय कुन्दन लाल, निवासी गांव ज्वालापुर, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर को गिरफ्तार किया। वह ‘शिव ट्रेडर्स’ का संचालक बताया गया है।
पुलिस के मुताबिक, सतपाल सिंह पर अखिलेश सिंघल, पारितोष मिश्रा, मनीष अग्रवाल, संजय छाबड़िया और अन्य सह-आरोपियों के साथ मिलकर कथित आपराधिक षड्यंत्र में शामिल होने का आरोप है। उसे मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी न्यायालय, सिरमौर (नाहन) से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद महासमुंद लाया गया है। अब उसे न्यायिक रिमांड के लिए न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
पहले भी गिरफ्तार हो चुके हैं कई आरोपी
पुलिस की कार्रवाई में इस प्रकरण के अन्य आरोपियों को भी पहले गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें शामिल हैं -
मनीष अग्रवाल, निवासी मुड़पार, थाना सरसींवा; गिरफ्तारी दिनांक 3 सितंबर 2026।
पारितोष मिश्रा, पीयूष इंटरप्राइजेस का संचालक; गिरफ्तारी दिनांक 14 सितंबर 2026।
अखिलेश सिंघल, सिंघल इंटरप्राइजेस, संबलपुर का संचालक; गिरफ्तारी दिनांक 14 सितंबर 2026।
सतपाल सिंह, शिव ट्रेडर्स का संचालक; गिरफ्तारी दिनांक 12 अक्टूबर 2026।
अवैध कमाई पर भी कार्रवाई, जांच जारी
महासमुंद पुलिस अब अपराध से अर्जित बताई जा रही नकदी और अन्य आर्थिक लाभों की कुर्की तथा आरोपियों को कथित अवैध कमाई से वंचित करने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 107 के तहत वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
थाना पिथौरा में 9 जुलाई 2026 को अपराध क्रमांक 172/2026 दर्ज किया गया था। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2), 3(5), 111, आर्म्स एक्ट की धारा 25 तथा भारतीय वन अधिनियम, 1927 की संबंधित धाराओं के तहत विवेचना की जा रही है।
महासमुंद पुलिस की इस बहु-राज्यीय कार्रवाई में भारी मात्रा में लकड़ी और नकदी की जब्ती ने कथित तस्करी नेटवर्क पर बड़ा प्रहार किया है। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका, फर्जी दस्तावेजों के स्रोत, वित्तीय लेन-देन और अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों की जांच जारी है।

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