महासमुंद में गहने साफ करने और नया डिजाइन देने का झांसा, दो अज्ञात महिलाएं 2.99 लाख के सोने-चांदी के जेवर लेकर फरार!
पहले बर्तन बदलकर जीता भरोसा, फिर लाखों के गहनों पर किया हाथ साफ; कोमाखान पुलिस ने दर्ज किया मामला
महासमुंद। जिले के कोमाखान थाना क्षेत्र के ग्राम चंदरपुर में ठगी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां दो अज्ञात महिलाओं ने पहले पुराने टिन के बर्तन लेकर नए बर्तन देने का भरोसा जीता, फिर चांदी के गहनों का डिजाइन कंप्यूटर में स्कैन कराकर लौटाने और बदले में मोटी रकम दिलाने का लालच दिया। आरोप है कि इसी झांसे में आकर एक ही परिवार की तीन महिलाओं ने अपने सोने-चांदी के लाखों रुपये के जेवर उन्हें सौंप दिए। इसके बाद दोनों महिलाएं जेवर लेकर चली गईं और वापस नहीं लौटीं। शिकायत में गहनों की कुल कीमत 2 लाख 99 हजार रुपये बताई गई है।
पुलिस के अनुसार, ग्राम चंदरपुर निवासी 24 वर्षीय लीना साहू ने 20 अक्टूबर 2026 को कोमाखान थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के मुताबिक, 14 अक्टूबर को एक अज्ञात महिला उनके घर पहुंची और पुराने टिन के बर्तन लेकर नए बर्तन बनाकर देने की बात कही। इसके एवज में 50 रुपये मेकिंग चार्ज लेने की बात भी कही गई। परिवार ने भरोसा करते हुए एक पुराना कुकर और टिन की तीन बोतलें उसे दे दीं।
अगले दिन महिला अपनी एक अन्य साथी के साथ घर पहुंची और पुराने बर्तनों के बदले नया टिन का कढ़ाई दिया। इसके बाद दोनों महिलाओं ने चांदी के जेवरों के डिजाइन कंप्यूटर में स्कैन कराने और इसके बदले पैसे मिलने की बात कही। शुरुआत में परिवार की चांदी की बिछिया लेकर अगले दिन वापस कर दी गई। इसके बाद चांदी के पायल भी डिजाइन के नाम पर लिए गए और 17 अक्टूबर को वापस कर दिए गए। साथ में एक टिफिन, एक कुकर और 500 रुपये नकद भी दिए गए। इस तरह दोनों महिलाओं ने परिवार का भरोसा जीत लिया।
40-40 हजार रुपये मिलने का दिया लालच
शिकायत के अनुसार, 17 अक्टूबर को दोनों महिलाएं दोबारा घर पहुंचीं और अच्छे डिजाइन वाले सोने-चांदी के जेवर कंप्यूटर में स्कैन कराने के लिए मांगे। उन्होंने दावा किया कि जेवर देने पर प्रत्येक व्यक्ति को 40-40 हजार रुपये मिलेंगे। उनकी बातों में आकर लीना साहू, उनकी सास सुकवारो बाई और देवरानी पूनम साहू ने अपने-अपने सोने-चांदी के गहने उन्हें सौंप दिए।
शिकायत में लीना साहू ने अपने सोने के लॉकेट, सोने की बाली और चांदी के पायल सहित करीब 1.05 लाख रुपये के गहने देने की जानकारी दी है। वहीं, उनकी सास ने सोने के लॉकेट, टॉप्स और चांदी की ऐंठी दी, जबकि देवरानी ने सोने के झुमके, लॉकेट और चांदी का हाफ करधन सौंपा। तीनों के गहनों की कुल कीमत 2.99 लाख रुपये बताई गई है।
इंतजार करते रहे पर नहीं लौटीं महिलाएं
परिवार को उम्मीद थी कि दोनों महिलाएं गहनों का डिजाइन स्कैन कराकर उन्हें वापस कर देंगी और वादे के मुताबिक रकम भी मिलेगी। लेकिन एक-दो दिन इंतजार करने के बाद भी महिलाएं वापस नहीं आईं। इसके बाद परिवार ने आपस में चर्चा की और 20 अक्टूबर को कोमाखान थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने प्रथम दृष्टया भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(3), 318(4) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की है। दोनों संदिग्ध महिलाओं की पहचान और गहनों की बरामदगी को लेकर आगे की कार्रवाई जांच पर निर्भर करेगी।
झोल्टूराम का अपील
सावधान रहें - अनजान व्यक्तियों द्वारा गहने साफ करने, डिजाइन बनवाने, स्कैन कराने या इनके बदले नकद रकम देने का लालच दिए जाने पर सतर्क रहें। किसी भी परिस्थिति में अपने कीमती जेवर बिना विश्वसनीय सत्यापन के किसी अनजान व्यक्ति को न सौंपें।

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