
जुआ खेलने वाला भी ‘प्रधान’, जुआ पकड़ने वाला भी ‘प्रधान’!
सरायपाली पुलिस की कार्रवाई में गजब का संयोग, पहाड़ी के नीचे चल रही थी ताश की महफिल; 1.11 लाख का माल जब्त
रुपानंद सोई 94242-43631
सरायपाली। जुए की फड़ पर पुलिस की दबिश पड़ी तो एक दिलचस्प संयोग भी सामने आ गया। जुआ खेलते पकड़े गए आरोपियों में एक का सरनेम 'प्रधान' था, तो जुआ पकड़ने वाली पुलिस टीम में कार्रवाई करने वाले अधिकारी का नाम भी राधाचरण प्रधान निकला। यानी जुए की फड़ पर भी प्रधान और जुआरियों को पकड़ने वाली पुलिस टीम में भी प्रधान! हालांकि, इस अनोखे संयोग का जुए के खेल से कोई लेना-देना नहीं, लेकिन इलाके में यह चर्चा का रोचक विषय जरूर बन सकता है।
मामला महासमुंद जिले के सरायपाली थाना क्षेत्र के ग्राम आंवलाचक्का स्थित सुंदरा दाई पहाड़ी के नीचे का है। पुलिस के मुताबिक, 6 नवंबर को मुखबिर से सूचना मिली थी कि पहाड़ी के नीचे कुछ लोग हार-जीत का दांव लगाकर 52 पत्ती ताश से काटपत्ती नामक जुआ खेल रहे हैं। सूचना मिलते ही प्रधान आरक्षक राधाचरण प्रधान हमराह पुलिस बल और गवाहों के साथ मौके पर पहुंचे और घेराबंदी कर दबिश दी।
पुलिस को देखकर कुछ जुआरी मौके से भाग निकले, जबकि दो लोग पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पकड़े गए आरोपियों की पहचान लक्ष्मण प्रधान (58 वर्ष) और सुरेन्द्र प्रधान (32 वर्ष), दोनों निवासी ग्राम बालसी, के रूप में हुई है।
10,620 रुपये नकद, बाइक-मोबाइल सहित 1.11 लाख का माल जब्त
पुलिस ने मौके से 10,620 रुपये नकद, दो मोबाइल फोन, दो एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल, एक एक्टिवा और 52 पत्ती ताश जब्त की है। जब्त संपत्ति की कुल कीमत 1 लाख 11 हजार 620 रुपये बताई गई है।
पूछताछ के दौरान पकड़े गए दोनों आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि उन्हें अर्जुन नामक व्यक्ति ने जुआ खेलने के लिए बुलाया था। आरोपियों के अनुसार, वहां ताश और जुए की फड़ की व्यवस्था की गई थी। पुलिस के पहुंचते ही अर्जुन, पुष्कर राठिया, एक्टिवा चालक सहित अन्य लोग मौके से भाग गए।
दो गिरफ्तार, फरार लोगों की तलाश
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तारी के कारणों से अवगत कराते हुए गिरफ्तार किया और परिजनों को सूचना दी। मामले में छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 3(2) एवं भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 112 के तहत अपराध दर्ज कर आगे की विवेचना की जा रही है।
फिलहाल इस कार्रवाई में सबसे दिलचस्प बात यही रही कि जुए की फड़ पर पकड़े गये दो शख्स प्रधान निकले , तो जुआरियों को पकड़ने वाली पुलिस टीम का नेतृत्व करने वाला प्रधान आरक्षक भी प्रधान ही था। नाम में समानता जरूर थी, लेकिन एक तरफ ताश की बाजी चल रही थी और दूसरी तरफ कानून की!
Social Plugin