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Latest Chhattisgarh News Mahasamund : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रामचंडी मंदिर में की पूजा-अर्चना, 50 लाख के डोम निर्माण की घोषणा

 


मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रामचंडी मंदिर में की पूजा-अर्चना, 50 लाख के डोम निर्माण की घोषणा

गढ़फुलझर में सर्वमंगल भवन का लोकार्पण, तालाब सौंदर्यीकरण और सड़क निर्माण कार्यों को मिलेगी गति

महासमुंद। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शनिवार को बसना विकासखंड के गढ़फुलझर स्थित मां रणेश्वर रामचंडी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने 50 लाख रुपये की लागत से निर्मित सर्वमंगल भवन का लोकार्पण किया तथा मंदिर परिसर में 50 लाख रुपये की लागत से भव्य डोम निर्माण की घोषणा की।


विकास कार्यों से बदलेगी क्षेत्र की तस्वीर
मुख्यमंत्री ने बताया कि गढ़फुलझर में 48 लाख रुपये की लागत से मानसरोवर तालाब का सौंदर्यीकरण तथा लगभग 3.50 करोड़ रुपये की लागत से सड़क निर्माण कार्य कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से सभी वर्गों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

जनकल्याणकारी योजनाओं पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना तथा किसानों और श्रमिकों के हित में संचालित योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने सुशासन, डिजिटल सेवाओं और पर्यटन विकास को भी प्राथमिकता बताया।

धार्मिक पर्यटन और सामाजिक एकता को मिलेगा बढ़ावा
पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री एवं संबलपुर सांसद श्री धर्मेंद्र प्रधान ने गढ़फुलझर को आस्था और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र बताया। महासमुंद सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने मंदिर की सीढ़ियों पर शेड निर्माण के लिए सांसद निधि से राशि उपलब्ध कराने की घोषणा की। बसना विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने क्षेत्र में सैनिक स्कूल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और जलाशय निर्माण सहित विभिन्न विकास कार्यों की मांग रखी।

जनप्रतिनिधि एवं समाज के पदाधिकारी रहे उपस्थित
कार्यक्रम में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री दयाल दास बघेल, विधायक पुरंदर मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, छत्तीसगढ़ कोलता समाज अध्यक्ष भुवनेश्वर सदावर्ती, रायगढ़ अध्यक्ष रत्थूलाल गुप्ता, सरगुजा अध्यक्ष रामचंद्र सा, संरक्षक हरिचरण प्रधान, संभागीय अध्यक्ष गिरधारी साहू, व्यासदेव भोई आदि मंचासीन थे। और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सामाजिक समरसता, क्षेत्रीय विकास और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।

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