सरायपाली विधायक श्रीमती चातुरी नंद के नाम पर ‘फर्जीवाड़े’ का खेल! CM तक पहुंचा नकली लेटर, फिर मचा हड़कंप—अब अज्ञात पर FIR
फर्जी लेटरहेड, कथित फर्जी हस्ताक्षर और सरकारी जांच तक पहुंचा मामला; सरायपाली पुलिस ने तीन धाराओं में दर्ज किया केस
रूपानंद सोई - 94242-43631
सरायपाली। सरायपाली विधायक श्रीमती चातुरी नंद के नाम और लेटरहेड का कथित तौर पर इस्तेमाल कर मुख्यमंत्री को शिकायत भेजे जाने का मामला अब पुलिस तक पहुंच गया है। मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि कथित पत्र केवल तैयार ही नहीं हुआ, बल्कि वह सरकारी तंत्र के कई स्तरों तक पहुंच गया और उसके आधार पर लोक निर्माण विभाग के एक सब इंजीनियर के खिलाफ जांच की प्रक्रिया भी शुरू हो गई। बाद में विधायक कार्यालय ने पत्र को अपना मानने से इनकार करते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
विधायक के नाम से तैयार हुआ था पत्र
उपलब्ध FIR और संबंधित रिपोर्ट के अनुसार, कथित पत्र क्रमांक 80/2026, दिनांक 18 सितंबर 2026 का था। इसमें महासमुंद जिले के लोक निर्माण विभाग, उप संभाग सरायपाली में पदस्थ सब इंजीनियर मुकेश नायक के खिलाफ निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर शिकायत की गई थी। पत्र विधायक के नाम और लेटरहेड पर तैयार किया गया था तथा उस पर विधायक के नाम से हिंदी में हस्ताक्षर भी किए गए थे।
दिलचस्प बात यह है कि यह पत्र सरकारी कार्यालयों तक पहुंचा और इसके आधार पर संबंधित इंजीनियर के खिलाफ जांच की प्रक्रिया शुरू हो गई। बाद में विधायक कार्यालय को जब इसकी जानकारी हुई तो पत्र की प्रामाणिकता पर सवाल खड़े हुए।
यह पत्र हमने जारी ही नहीं किया’—विधायक कार्यालय
विधायक के निज सहायक विभीषण चौहान ने 26 सितंबर 2026 को सरायपाली थाने में शिकायत दी। शिकायत में स्पष्ट किया गया कि विधायक कार्यालय ने ऐसा कोई पत्र जारी नहीं किया था और कथित पत्र का क्रमांक भी कार्यालय के अधिकृत रिकॉर्ड से संबंधित नहीं था।
शिकायत के साथ कथित फर्जी पत्र की छायाप्रति, मूल लेटरपैड तथा मूल हस्ताक्षरयुक्त लेटरपैड की छायाप्रति भी पुलिस को उपलब्ध कराई गई।
एक फर्जी पत्र ने खड़े कर दिए कई सवाल
मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि यदि पत्र वास्तव में विधायक कार्यालय से जारी नहीं हुआ था, तो वह सरकारी तंत्र में आगे कैसे पहुंचा और उसके आधार पर जांच की प्रक्रिया कैसे शुरू हो गई?
उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक कथित पत्र मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचा, वहां से मुख्य सचिव कार्यालय और फिर लोक निर्माण विभाग तक कार्रवाई के लिए भेजा गया।
हालांकि इस पूरी प्रक्रिया में किसी अधिकारी की जानबूझकर लापरवाही थी या पत्र सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ा, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
तीन धाराओं में FIR, आरोपी अभी अज्ञात
सरायपाली पुलिस ने 2 अक्टूबर 2026 को अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 319(2), 336(3) और 340(2) के तहत FIR दर्ज की है। पुलिस के अनुसार मामले की जांच शुरू कर दी गई है और कथित फर्जी पत्र तैयार करने वाले व्यक्ति की पहचान की जा रही है।
फिलहाल FIR में आरोपी का नाम सामने नहीं आया है। अब जांच में यह पता लगाया जाना बाकी है कि फर्जी लेटरहेड किसने तैयार किया, कथित हस्ताक्षर किसने किए, पत्र सरकारी तंत्र तक किस माध्यम से पहुंचा और इसके पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या था।
यानी एक पत्र ने न केवल सरकारी दफ्तरों में हलचल मचाई, बल्कि अब उसकी असल कहानी पुलिस की जांच में खुलने वाली है।
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