देवपुर वन परिक्षेत्र में बिजली करंट से जंगली सूअर का शिकार करने का मामला , दो संदिग्ध मौके से फरार, अभी तक नहीं हुई किसी की गिरफ़्तारी
रूपानन्द सोई 94242 - 43631
बलौदाबाजार। जिले के देवपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम मेटकुला में बिजली करंट लगाकर जंगली सूअर का शिकार किए जाने का मामला सामने आया है। घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर दबिश दी, जहां दो संदिग्ध व्यक्ति मौके से फरार हो गए। वन विभाग के स्थानीय कर्मचारी के अनुसार, मौके से फरार हुए दोनों व्यक्तियों की पहचान की गई है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
जानकारी के मुताबिक, घटना 23 सितंबर 2026 की बताई जा रही है। आरोप है कि ग्राम मेटकुला में एक किसान के खेत में जंगली सूअर का शिकार करने के लिए बिजली करंट का इस्तेमाल किया गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद देवपुर वन परिक्षेत्र के वन अमले ने घटनास्थल पर दबिश दी। वन विभाग की टीम के पहुंचने के दौरान वहां मौजूद दो व्यक्ति मौके से फरार हो गए।
वन विभाग ने किया शव का पोस्टमार्टम
घटना के बाद वन विभाग ने मृत जंगली सूअर को कब्जे में लेकर उसका पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद वन विभाग द्वारा मृत जंगली सूअर को नियमानुसार जला दिया गया। वहीं, इस मामले में वन विभाग ने प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
मौके से फरार दोनों व्यक्तियों की पहचान का दावा
घटना क्षेत्र में कार्यरत बीट गार्ड अजीत ध्रुव ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि जंगली सूअर के शिकार की घटना सही है। उन्होंने बताया कि वन विभाग की टीम द्वारा घटनास्थल पर दबिश दिए जाने के दौरान दो व्यक्ति मौके से फरार हुए थे। बीट गार्ड के अनुसार, वे दोनों व्यक्तियों को पहचानते हैं। हालांकि, घटना के बाद से अभी तक दोनों की गिरफ्तारी नहीं हुई है और मामले में विभागीय कार्रवाई जारी है।
घटना के कई दिन बाद भी गिरफ्तारी नहीं
घटना 23 सितंबर की बताई जा रही है और अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, वन विभाग की ओर से मामले में प्रकरण दर्ज किए जाने की बात कही गई है और कार्रवाई जारी होने की जानकारी दी गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी कब तक होगी, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है।वन्यजीवों के शिकार में बिजली करंट का इस्तेमाल गंभीर मामला माना जाता है। ऐसे मामलों में वन विभाग द्वारा वन्यजीव संरक्षण से संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाती है। फिलहाल वन विभाग द्वारा दर्ज प्रकरण की जांच और आगे की कार्रवाई जारी है। लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं होने से क्षेत्र में फारेस्ट विभाग की उदासीनता की चर्चा हो रही है ।
इस मामले में देवपुर रेंजर संतोष पैंकरा से मोबाइल फोन के माध्यम से जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।
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