बलौदाबाजार में 58 लोग लापता, गुमशुदगी के मामलों से हड़कंप; पुलिस ने FIR दर्ज कर तलाश तेज की
महीनों से लापता लोगों की तलाश तेज, सिटी कोतवाली से लेकर कसडोल, भाटापारा ग्रामीण, सिमगा और लवन तक पुलिस ने दर्ज किए प्रकरण
रूपानंद सोई -94242-43631
बलौदाबाजार। जिले में लंबे समय से लापता चल रहे लोगों के मामलों में पुलिस ने अब गंभीरता बढ़ाते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 140(3) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक अलग-अलग समय पर लापता हुए लोगों से जुड़े 58 गुमशुदगी मामलों में 3 अक्टूबर 2026 को एक ही दिन FIR दर्ज की गई। ये मामले जिले के 11 अलग-अलग थाना क्षेत्रों से जुड़े हैं। इन मामलों में लापता महिला, पुरुष और युवाओं की तलाश के साथ-साथ इस आशंका को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है कि कहीं किसी लापता व्यक्ति को अज्ञात व्यक्ति या व्यक्तियों द्वारा ले जाकर किसी अज्ञात स्थान पर तो नहीं रखा गया।
पुलिस दस्तावेज में स्पष्ट किया गया है कि कई मामलों में परिजनों ने अपने स्तर पर रिश्तेदारों, आसपास के गांवों और परिचितों के बीच तलाश की, लेकिन लापता व्यक्ति का कोई सुराग नहीं मिला। ऐसी स्थिति में लापता व्यक्ति के ठिकाने और सुरक्षा को अज्ञात मानते हुए पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के G. Ganesh v. State of Tamil Nadu and Ors. मामले में दिए गए निर्देशों का हवाला देते हुए अज्ञात व्यक्ति/व्यक्तियों के विरुद्ध धारा 140(3) BNS के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है। रिकॉर्ड में यह भी उल्लेख है कि इस धारा की प्रयोज्यता विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों पर निर्भर रहेगी।
सिटी कोतवाली में एक साथ सामने आए कई मामले
सिटी कोतवाली बलौदाबाजार के रिकॉर्ड में करहीबाजार चौकी क्षेत्र के कई गुमशुदगी मामले का प्रकरण दर्ज किया गया है। इनमें सोनाडीह निवासी विवेक यादव (26) का मामला भी शामिल है। परिजनों के अनुसार वह 13 जून 2026 की शाम घर से बिना बताए निकला और वापस नहीं लौटा। तलाश के बावजूद उसका पता नहीं चल सका।
इसी थाना क्षेत्र में शाहिना निशा (20), रोशन कुमार कौशल (21), बमलेश्वरी सेन (21), अमृता पैंकरा (32), दुर्गा पाठक (23), टिकेश्वरी ध्रुव (22), बिन्दु ध्रुव (20), कामिनी घृतलहरे (19), माधुरी साहू (19) और ललिता दक्षिणी (23) समेत कई लोगों की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने धारा 140(3) BNS के तहत कार्रवाई की है। इनमें कुछ लोग जून 2026 से लापता बताए गए हैं, जबकि कुछ मामलों में जुलाई 2026 में गुमशुदगी की सूचना दर्ज हुई।
भाटापारा ग्रामीण में भी कई मामले
भाटापारा ग्रामीण थाना क्षेत्र में सरोज निषाद (30), रीना यादव (20), संगीता सोनवानी (23), गनेशिया ध्रुव (20), कुसुम मारकण्डेय (30), राहूल साहू (19), किर्ती ध्रुव (19), सिध्दी यदु (19), संगीता सतनामी (28), रूपाली रजक (18), मंजू साहू (21) और लिकेश यादव (20) सहित कई लोगों की गुमशुदगी के मामले सामने आए हैं।
इनमें से कई मामलों में व्यक्ति घर से बिना बताए निकले और वापस नहीं लौटे। कुछ मामलों में परिजनों ने बताया कि लापता व्यक्ति रिश्तेदारों के घर, गांवों और आसपास के क्षेत्रों में तलाश के बाद भी नहीं मिला। उदाहरण के तौर पर रीना यादव के मामले में बताया गया कि वह 8 जुलाई को अपने मामा के घर, ग्राम खोखली से कॉलेज जाने की बात कहकर निकली थी और वापस नहीं पहुंची।
अलग-अलग थानों में भी दर्ज हुए प्रकरण
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार भाटापारा सिटी में 1, गिधौरी में 1, सिमगा में 6, राजादेवरी में 1 और लवन में 5 प्रकरण दर्ज होने का उल्लेख है। इसके अलावा अन्य थाना क्षेत्रों में भी गुमशुदगी के मामलों को धारा 140(3) BNS के तहत दर्ज किया गया है।
गिधपुरी थाना क्षेत्र में ही कम से कम तीन मामलों का विवरण रिकॉर्ड में है। इनमें टेमरी की ईश्वरी बाई नवरंगे (22), बम्हनी की लीना साहू (20) और मोहगांव के ओमप्रकाश मल्होत्रा (45) शामिल हैं। ईश्वरी बाई के मामले में 3 अगस्त को घर से लापता होने की सूचना है, जबकि लीना साहू 23 जुलाई की रात और ओमप्रकाश मल्होत्रा 2 अप्रैल को रायपुर जाने की बात कहकर निकले थे और वापस नहीं लौटे।
कसडोल में बुजुर्ग सहित कई लोग लापता
कसडोल थाना क्षेत्र के रिकॉर्ड में बहुर सिंह गोंड (56) का मामला भी दर्ज है। पुलिस को दी गई सूचना के मुताबिक वह 23 जुलाई को बकरी-बकरा खरीदने गिधौरी के मवेशी बाजार जाने की बात कहकर घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं आए। परिवार ने आसपास और रिश्तेदारों में तलाश की, पर उनका पता नहीं चल सका।
कसडोल के एक अन्य मामले में सनातन देवदास (57) की गुमशुदगी का भी उल्लेख है।
पुलिस ने सभी थानों और कंट्रोल रूम को भेजी सूचना
गुमशुदगी के अधिकांश मामलों में पुलिस ने गुम इंसान क्रमांक कायम कर जांच-पड़ताल शुरू की तथा DCRB, DCIB और पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना भेजी। कई मामलों में जिले के अन्य थानों और चौकियों को भी आरएम संदेश के माध्यम से जानकारी भेजकर लापता लोगों की पतासाजी के निर्देश दिए गए हैं।
धारा 140(3) का इस्तेमाल क्यों?
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार इन मामलों में परिजनों की ओर से सीधे किसी व्यक्ति पर अपहरण या सदोष परिरोध का आरोप नहीं लगाया गया है। लेकिन जब लापता व्यक्ति का पता नहीं चलता और उसकी सुरक्षा एवं ठिकाना अज्ञात रहता है, तब किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उसे कहीं ले जाकर रखने की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता। इसी आधार पर पुलिस ने संबंधित मामलों में धारा 140(3) BNS के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की है। रिकॉर्ड में साफ किया गया है कि आगे की जांच में प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर ही इस धारा की वास्तविक प्रयोज्यता तय होगी।
58 गुमशुदगी के मामलों का एक साथ सामने आना जिले में चिंता का विषय है। पुलिस के सामने अब चुनौती केवल लापता लोगों की पतासाजी तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक मामले में यह भी स्पष्ट करना है कि व्यक्ति स्वेच्छा से कहीं गया, किसी दुर्घटना या अन्य परिस्थिति का शिकार हुआ अथवा उसके साथ किसी आपराधिक कृत्य की आशंका है। विवेचना के बाद ही प्रत्येक मामले की वास्तविक तस्वीर साफ हो सकेगी।

Social Plugin