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Chhattisgarh Police Fir : महासमुंद में गुमशुदगी का बड़ा आंकड़ा! एक ही दिन 36 मामलों में FIR दर्ज , जिलेभर में मचा हड़कंप

 



महासमुंद में गुमशुदगी के 36 मामलों में एक साथ FIR दर्ज ,जिलेभर में मचा हड़कंप
11 थाना क्षेत्रों से सामने आई तस्वीर; कई लोग महीनों से लापता, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद पुलिस ने दर्ज किए प्रकरण

रूपानंद सोई - 94242-43631 

महासमुंद। जिले में गुमशुदगी के मामलों को लेकर पुलिस रिकॉर्ड से सामने आई तस्वीर ने चिंता बढ़ा दी है। अलग-अलग समय पर लापता हुए लोगों से जुड़े 36 गुमशुदगी मामलों में 3 अक्टूबर 2026 को एक ही दिन FIR दर्ज की गई। ये मामले जिले के 11 अलग-अलग थाना क्षेत्रों से जुड़े हैं। इनमें महिलाएं, युवतियां और पुरुष शामिल हैं। कई मामलों में संबंधित व्यक्ति मई, जून, जुलाई और अगस्त से लापता बताए गए हैं और परिजनों द्वारा अपने स्तर पर तलाश किए जाने के बावजूद उनका पता नहीं चल सका।

महत्वपूर्ण बात यह है कि ये 36 लोग एक ही दिन लापता नहीं हुए हैं। पुलिस रिकॉर्ड में घटनाओं की तारीखें अलग-अलग दर्ज हैं। 3 अक्टूबर को इन पुराने गुमशुदगी मामलों में FIR की कार्रवाई की गई। इस तरह एक ही दिन बड़ी संख्या में FIR दर्ज होने से जिले में गुमशुदगी की समस्या एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है।
11 थाना क्षेत्रों में दर्ज हुए मामले एक नजर में 
कुल मामले: 36
FIR की तारीख: 3 अक्टूबर 2026
प्रभावित थाना क्षेत्र: 11
सबसे ज्यादा मामले: महासमुंद थाना – 6
दूसरे स्थान पर: खल्लारी – 5
कोमाखान/पटेवा/तुमगांव: 4-4
बागबाहरा/बसना/सरायपाली/तेंदुकोना: 2-3 मामले
सांकरा/सिंघोड़ा: 1-1 मामला

महासमुंद जिले के 36 गुम इंसानों की थाना-वार सूची
1 बागबाहरा-सरोज ध्रुव-29 जून 2026
2 बागबाहरा-दीपक साहू-20 मई 2026
3 बसना-घनश्याम साहू-1 अगस्त 2026
4 बसना-दिलेश्वरी चौहान-9 जुलाई 2026
5 बसना-मुस्कान पाल-24 जून 2026
6 महासमुंद-अमन कुमार-18 जून 2026
7 महासमुंद-खुलेश्वरी निषाद-25 जून 2026
8 महासमुंद-नरेन्द्र ध्रुव-30 मई 2026
9 महासमुंद-जगतु राम ढीमर-30 मई 2026
10 महासमुंद-रामेश्वरी बिहारी-29 मई 2026
11 महासमुंद-बुधवंतिन बाई ओगरे-8 मई 2026
12 सरायपाली-मालती विश्वकर्मा-16 मई 2026
13 सरायपाली-पार्वती पटेल-20 जुलाई 2026
14 सरायपाली-चंद्रकांती अजगर-23 जुलाई 2026
15 सांकरा-हेमबाई यादव-15 जून 2026
16 कोमाखान-लीलाबाई ताण्डी-3 जुलाई 2026
17 कोमाखान-नेतराम पाड़े-25 जून 2026
18 कोमाखान-लक्ष्मी मधुकर-27 जून 2026
19 कोमाखान-तोसकुमारी यादव-1 अक्टूबर 2026
20 पटेवा-डिगेश्वरी ध्रुव-6 अगस्त 2026
21 पटेवा-चोवाराम ध्रुव-20 जुलाई 2026
22 पटेवा-तारिणी निषाद-19 जुलाई 2026
23 पटेवा-कविया यादव-1 जून 2026
24 तुमगांव-नैना तारक-24 जुलाई 2026
25 तुमगांव-रामेश्वरी ध्रुव-20 जुलाई 2026
26 तुमगांव-पुनाराम निषाद-23 जून 2026
27 तुमगांव-खेमलाल साहू-28 मई 2026
28 खल्लारी-तिलेश्वरी यादव-10 अगस्त 2026
29 खल्लारी-जोहद्री बाई-4 अगस्त 2026
30 खल्लारी-रूपा साहू-29 जून 2026
31 खल्लारी-कुमारी बाई दुबे-12 जून 2026
32 खल्लारी-दरसु बरिहा-16 मई 2026
33 सिंघोड़ा-रूपधर प्रधान-4 अगस्त 2026
34 तेंदुकोना-सेवाराम दीवान-2 मई 2026
35 तेंदुकोना-जशोदा सतनामी-17 जुलाई 2026
36 तेंदुकोना-जितेश कुमार साहू-10 जुलाई 2026

कई मामलों में महीनों से नहीं मिला सुराग
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार इन मामलों की घटनाएं अलग-अलग समय पर हुई हैं। बागबाहरा थाना क्षेत्र में एक मामले में 22 वर्षीय दीपक साहू के 20 मई 2026 को घर से चले जाने और वापस नहीं लौटने की जानकारी दर्ज है। परिवार ने आसपास, पड़ोस, गांवों और रिश्तेदारों में तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चला। गुम इंसान प्रकरण कायम किए जाने के बाद 3 अक्टूबर को FIR दर्ज की गई।

इसी थाना क्षेत्र में 20 वर्षीय सरोज ध्रुव के 29 जून 2026 की रात घर से बिना बताए चले जाने का मामला भी दर्ज है। परिजनों ने आसपास के गांवों और रिश्तेदारों में तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चल पाया।

बसना में भी सामने आए कई मामले
बसना थाना क्षेत्र में भी अलग-अलग तारीखों में लापता हुए लोगों के मामले दर्ज हैं। इनमें 24 वर्षीय घनश्याम साहू का मामला शामिल है, जो 1 अगस्त 2026 को घर से चला गया था। परिजनों द्वारा आसपास और रिश्तेदारों में तलाश के बावजूद उसका पता नहीं चला। पुलिस रिकॉर्ड में उसके लापता होने के बाद गुम इंसान क्रमांक 97/2026 कायम किए जाने की जानकारी है।

इसी तरह 21 वर्षीय दिलेश्वरी चौहान के 9 जुलाई 2026 को घर से बिना बताए चले जाने की सूचना भी दर्ज है। परिवार द्वारा तलाश किए जाने के बाद भी उसका पता नहीं चल सका। इस मामले में भी गुम इंसान प्रकरण के बाद FIR दर्ज की गई।

बसना क्षेत्र की एक अन्य FIR में 21 वर्षीय मुस्कान पाल के 24 जून 2026 को घर से चले जाने की जानकारी दर्ज है। परिजनों ने आसपास एवं रिश्तेदारों में तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। पुलिस ने गुम इंसान क्रमांक 80/2026 कायम कर जांच-पड़ताल शुरू की थी।

महासमुंद शहर में भी गुमशुदगी के कई मामले
महासमुंद थाना क्षेत्र के मामलों ने भी तस्वीर को गंभीर बनाया है। पुलिस रिकॉर्ड में 34 वर्षीय अमन कुमार का मामला दर्ज है, जो 18 जून 2026 को रायपुर काम करने जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिजनों द्वारा आसपास और रिश्तेदारों में तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चला। इस मामले में गुम इंसान क्रमांक 124/2026 कायम किया गया था।

एक अन्य मामले में 20 वर्षीय खुलेश्वरी निषाद के 25 जून 2026 को गुडरूपारा स्थित किराये के मकान से बिना बताए चले जाने की जानकारी दर्ज है। पुलिस रिकॉर्ड में उसे बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा बताया गया है। तलाश के बावजूद पता नहीं चलने पर गुम इंसान प्रकरण कायम किया गया था।

इसके अलावा 34 वर्षीय नरेन्द्र ध्रुव के 30 मई 2026 को ग्राम मुढेना से चले जाने का मामला भी पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज है। परिजनों द्वारा आसपास एवं रिश्तेदारों में तलाश किए जाने के बावजूद उसके संबंध में जानकारी नहीं मिली।

खल्लारी और सरायपाली में भी सामने आई चिंताजनक तस्वीर
खल्लारी थाना क्षेत्र में भी कई गुमशुदगी मामलों में FIR दर्ज की गई है। उपलब्ध रिकॉर्ड में एक मामले में गुम इंसान क्रमांक 37/2026 का उल्लेख है। 3 अक्टूबर को खल्लारी थाने में संबंधित मामले में FIR दर्ज की गई।

सरायपाली थाना क्षेत्र में भी गुम इंसान प्रकरणों के आधार पर FIR दर्ज की गई। उपलब्ध रिकॉर्ड में एक मामले में गुम इंसान क्रमांक 77/26 का उल्लेख है और 3 अक्टूबर 2026 को FIR दर्ज किए जाने की जानकारी है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद बदली कार्रवाई की दिशा
इन मामलों में FIR दर्ज करने के पीछे पुलिस रिकॉर्ड में एक महत्वपूर्ण कानूनी आधार का उल्लेख किया गया है। कई FIR में पुलिस ने कहा है कि लापता व्यक्ति का ठिकाना और सुरक्षा अज्ञात होने के कारण इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि किसी अज्ञात व्यक्ति या व्यक्तियों द्वारा उसे किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया हो।

रिकॉर्ड में सुप्रीम कोर्ट के G. Ganesh बनाम State of Tamil Nadu and Others मामले में 22 मई 2026 के निर्देश का हवाला दिया गया है। इसी के अनुपालन में बालिग गुमशुदा व्यक्तियों के संबंध में भारतीय न्याय संहिता की धारा 140(3) के तहत FIR दर्ज कर विवेचना में लेने की कार्रवाई की गई है।

अपहरण की पुष्टि नहीं, जांच का दायरा बढ़ा
इन FIR का मतलब यह नहीं है कि सभी मामलों में अपहरण साबित हो गया है। पुलिस रिकॉर्ड में कई मामलों में आरोपी के रूप में अज्ञात का उल्लेख है। वहीं कुछ मामलों में शिकायतकर्ताओं ने किसी व्यक्ति पर अपहरण अथवा गलत तरीके से बंधक बनाने का आरोप या संदेह भी व्यक्त नहीं किया था।

पुलिस ने हालांकि यह माना कि लापता व्यक्ति का ठिकाना और सुरक्षा अज्ञात होने के कारण किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उसे कहीं ले जाए जाने की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता। इसी कारण मामलों की तत्काल विवेचना शुरू की गई।

जिलेभर में तलाश के निर्देश
कई मामलों के रिकॉर्ड में पुलिस द्वारा जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों को सूचना भेजे जाने तथा DCB शाखा महासमुंद को जानकारी देने का उल्लेख है। इसका उद्देश्य लापता लोगों की तलाश को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाना है।

अब सबसे बड़ा सवाल—कितने लोगों का पता चला?
36 मामलों में FIR दर्ज होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इन मामलों में पुलिस को कितने लोगों का सुराग मिला है और कितने मामले अभी भी अनसुलझे हैं। उपलब्ध रिकॉर्ड में जिन मामलों की जानकारी सामने आई है, उनमें कई लोग लंबे समय से अपने परिवार से दूर हैं।

परिजनों के लिए यह स्थिति बेहद गंभीर है। किसी व्यक्ति का लंबे समय तक घर वापस न लौटना परिवार के लिए चिंता और अनिश्चितता का कारण बनता है। अब FIR दर्ज होने के बाद इन मामलों की जांच का दायरा बढ़ गया है और पुलिस के सामने लापता लोगों का पता लगाने के साथ-साथ उनके लापता होने की परिस्थितियों को स्पष्ट करने की चुनौती भी है।

3 अक्टूबर की कार्रवाई ने खींचा ध्यान
महासमुंद जिले में 3 अक्टूबर को विभिन्न थाना क्षेत्रों में एक साथ 36 गुमशुदगी मामलों में FIR दर्ज होना पुलिस रिकॉर्ड की एक महत्वपूर्ण कार्रवाई है। यह कार्रवाई यह भी बताती है कि पहले दर्ज गुम इंसान प्रकरणों को अब आपराधिक जांच के दायरे में लाया गया है।

फिलहाल उपलब्ध रिकॉर्ड से किसी संगठित गिरोह, सामूहिक अपहरण या इन सभी मामलों के आपस में जुड़े होने की पुष्टि नहीं होती। इसलिए इन मामलों को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुलिस जांच के परिणाम का इंतजार जरूरी है।

लेकिन इतना जरूर है कि 36 गुमशुदगी मामलों का एक साथ FIR में बदलना महासमुंद जिले में लापता लोगों की तलाश और उनकी सुरक्षा को लेकर एक गंभीर चुनौती की ओर इशारा करता है। अब निगाह पुलिस की अगली कार्रवाई और इन मामलों में सामने आने वाले सुरागों पर है।

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