नन्हे कदमों से खिले आंगन, गीत-गिनती से गूंजे 219 आंगनबाड़ी केंद्र
सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘आंगन मिलन सेवा’ का आगाज, बच्चों की प्रतिभा ने बांधा समां; कलेक्टर ने बच्चों के बीच पहुंचकर जाना पोषण और स्वास्थ्य का हाल
महासमुंद। सेवा संकल्प अभियान के तहत शुक्रवार को जिले में ‘आंगन मिलन सेवा’ की शुरुआत हुई। पहले ही दिन जिले के 219 आंगनबाड़ी केंद्रों में उत्सव जैसा माहौल नजर आया। कहीं नन्हे बच्चों ने गीत सुनाए तो कहीं गिनती और एबीसीडी बोलकर अपनी प्रतिभा दिखाई। रंगोली और आकर्षक सजावट से सजे केंद्रों में बच्चों की खिलखिलाहट और गतिविधियों ने वातावरण को जीवंत बना दिया।
25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक चलने वाले इस आयोजन में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और स्थानीय नागरिकों ने आंगनबाड़ी केंद्रों में पहुंचकर बच्चों और हितग्राहियों का उत्साह बढ़ाया। इस दौरान बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य एवं प्रारंभिक शिक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। गर्भवती महिलाओं, शिशुवती माताओं और महतारी वंदन योजना की हितग्राहियों को श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया। कई केंद्रों में नेवता भोज का आयोजन भी हुआ, जहां बच्चों और हितग्राहियों ने मिलकर भोजन किया।
आंगन मिलन सेवा का सबसे जीवंत दृश्य लभरा खुर्द और शेर के आंगनबाड़ी केंद्रों में देखने को मिला, जहां कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह स्वयं बच्चों के बीच पहुंचे।
लभरा खुर्द आंगनबाड़ी केंद्र में कलेक्टर ने बच्चों से सहज संवाद किया और उनकी गतिविधियों को करीब से देखा। उन्होंने बच्चों से गीत और एबीसीडी सुनी। बच्चों के बीच सहज माहौल में बातचीत करते हुए उन्होंने उनके भोजन और पोषण की जानकारी भी ली।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता दशोदा साहू ने बताया कि केंद्र में 26 बच्चे दर्ज हैं, जिनमें 2 बच्चे कुपोषित हैं। इसके अलावा 8 गर्भवती महिलाएं भी केंद्र की सेवाओं से जुड़ी हैं।
कलेक्टर ने बच्चों को निर्धारित समय पर भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने केंद्र में उपलब्ध पोषण सामग्री और बच्चों के लिए तैयार पौष्टिक थाली का भी अवलोकन किया।
कुपोषित बच्चे को पोषण पुनर्वास केंद्र भेजने के निर्देश
कलेक्टर ने शेर दर्रीपारा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का भी निरीक्षण किया। यहां 32 बच्चे दर्ज हैं, जिनमें एक बच्चा कुपोषित पाया गया। कलेक्टर ने बच्चे की स्वास्थ्य एवं पोषण स्थिति को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को उसे पोषण पुनर्वास केंद्र भेजने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर जनपद सदस्य नीता साहू, सरपंच अनीता साहू, उपसरपंच भारती साहू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। केंद्र में 24 बच्चे मौजूद थे, जिन्होंने उत्साह के साथ अपनी गतिविधियां प्रस्तुत कीं।
नन्हे कुशांत ध्रुव ने कलेक्टर के सामने गिनती सुनाकर अपनी प्रतिभा दिखाई। उसकी प्रस्तुति ने वहां मौजूद लोगों का ध्यान खींचा और बच्चों के बीच उत्साह का माहौल बन गया।
कार्यक्रम के दौरान स्वस्थ शिशुओं में भाव्या धीवर एवं उनकी माता पूर्णिमा धीवर को सम्मानित किया गया। वहीं महतारी वंदन योजना की हितग्राही धनिता साहू एवं गोदावरी साहू को श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया।
आंगन मिलन के दौरान जिलेभर के केंद्रों में बच्चों के लिए गीत, कविता, गिनती, एबीसीडी, खेल और अन्य रचनात्मक गतिविधियां आयोजित की गईं। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने बच्चों के साथ संवाद कर उनका उत्साह बढ़ाया। नन्हे-मुन्नों की प्रस्तुतियों ने आंगनबाड़ी केंद्रों को सीखने, खेलने और खुशियां बांटने के जीवंत मंच में बदल दिया।
‘आंगनबाड़ी’ से मिल रहा बच्चों और माताओं को सहारा
कार्यक्रम में सम्मानित श्रीमती पूर्णिमा धीवर ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के लिए पोषण आहार, प्रारंभिक शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को भी समय-समय पर पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी जानकारी मिलती है। उन्होंने कहा कि आंगन मिलन जैसे आयोजनों से आंगनबाड़ी केंद्र से जुड़ाव और अपनत्व और अधिक बढ़ता है।
हितग्राही श्रीमती धनिता साहू ने कहा कि आंगनबाड़ी बच्चों के लिए सीखने और पोषण पाने का महत्वपूर्ण स्थान है। बच्चों के साथ गीत, खेल और गतिविधियों में सभी को शामिल होते देखकर बहुत अच्छा लगा। हितग्राहियों का सम्मान और सामूहिक भोजन कार्यक्रम ने उत्साह को और बढ़ा दिया।
सिर्फ आयोजन नहीं, बच्चों के भविष्य से जुड़ने का अवसर
आंगन मिलन सेवा ने पहले ही दिन यह संदेश दिया कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल पोषण और प्रारंभिक शिक्षा का स्थान नहीं, बल्कि बच्चों, माताओं, जनप्रतिनिधियों और समुदाय को एक साथ जोड़ने वाला जीवंत केंद्र भी हैं। सेवा संकल्प अभियान के तहत 7 अक्टूबर तक चलने वाले इस आयोजन से जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में सहभागिता और अपनत्व की भावना को और मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
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