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Mahasamund : पीएम आवास की किस्त पर ‘होल्ड’ का पेच, बैंक और जनपद के चक्कर काट रहे हितग्राही, एक ही खाते में पेंशन और महतारी वंदन की राशि, फिर भी निकासी पर रोक




पीएम आवास की किस्त पर ‘होल्ड’ का पेच, बैंक और जनपद के चक्कर काट रहे हितग्राही 
महतारी वंदन व पेंशन की राशि पर भी संकट; जनपद के मौखिक आदेश से खाते होल्ड करने का दावा

रूपानंद सोई - 94242-43631
 
पिथौरा। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत गरीब परिवारों को पक्का मकान मिलने की खुशी के बीच पिथौरा जनपद पंचायत क्षेत्र में हितग्राहियों को बैंक और जनपद पंचायत के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। आरोप है कि पीएम आवास के हितग्राहियों के बैंक खातों को जनपद पंचायत की आवास शाखा के निर्देश पर होल्ड किया जा रहा है। इससे आवास की किस्त निकालने के साथ-साथ उन्हीं खातों में आने वाली महतारी वंदन योजना और पेंशन की राशि निकालने में भी हितग्राहियों को परेशानी हो रही है।
बताया गया है कि पिथौरा जनपद पंचायत के अंतर्गत 123 ग्राम पंचायतों के पीएम आवास हितग्राहियों के खातों में अधिकतम 1 लाख 20 हजार रुपए तक की राशि होल्ड करने के निर्देश दिए गए हैं। पीएम आवास की स्वीकृत राशि तीन किस्तों में दी जाती है, जिसमें पहली किस्त 40 हजार, दूसरी 55 हजार और तीसरी किस्त 25 हजार रुपए बताई गई है। क्षेत्र की पिथौरा, कौहाकुड़ा, सांकरा और देवरी स्थित बैंक शाखाओं में ऐसे खातों को होल्ड किए जाने की बात सामने आई है।

पहली किस्त निकालने के लिए भी बैंक-जनपद के चक्कर
हितग्राहियों का कहना है कि खाते में पहली किस्त के 40 हजार रुपए आने के बाद जब वे राशि निकालने बैंक पहुंचते हैं, तब उन्हें खाते के होल्ड होने की जानकारी मिलती है। इसके बाद उन्हें जनपद पंचायत की आवास शाखा में जाकर खाता अनहोल्ड कराने की पर्ची लेनी पड़ती है। फिर बैंक में दोबारा लाइन लगाकर पर्ची जमा करनी होती है, तब जाकर राशि निकालने की प्रक्रिया आगे बढ़ती है।
बताया जा रहा है कि यदि हितग्राही के खाते में पहले से उसकी निजी राशि भी जमा है, तो उस राशि को निकालने के लिए भी अनहोल्ड संबंधी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। इससे ग्रामीणों के साथ-साथ बैंक कर्मचारियों को भी अतिरिक्त प्रक्रिया का सामना करना पड़ रहा है।

एक ही खाते में पेंशन और महतारी वंदन की राशि, फिर भी निकासी पर रोक
ग्राम पंचायत बगारदरहा की हितग्राही मेनका साहू और शेषोबाई के मामले ने इस व्यवस्था की परेशानी को सामने ला दिया है। बताया गया है कि पीएम आवास की पहली किस्त के 40 हजार रुपए खाते में आने के बाद उनका बैंक खाता होल्ड कर दिया गया। इसी खाते में महतारी वंदन योजना और वृद्धावस्था पेंशन की राशि भी आती है।
खाता होल्ड होने के कारण दोनों हितग्राही इन राशियों की निकासी नहीं कर पा रही हैं। लगभग 70 वर्षीय विधवा शेषोबाई के संबंध में बताया गया है कि वे अस्वस्थ रहती हैं और नियमित दवाइयों का सेवन करती हैं। परिजनों के अनुसार खाता होल्ड होने से दवाइयों के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शेषोबाई ने 24 अगस्त 2026 को जनपद पंचायत पिथौरा के सीईओ सनत महादेवा के समक्ष लिखित आवेदन देकर खाता अनहोल्ड कराने की मांग की थी। उनका कहना है कि उन्हें कार्रवाई का आश्वासन मिला, लेकिन इसके बावजूद खाता अभी तक होल्ड है।

जियोटैगिंग और आवास मित्र की भूमिका पर भी उठे सवाल
पीएम आवास निर्माण के दौरान निर्माण कार्य की प्रगति के अनुसार जियोटैगिंग और फोटो लिए जाने की प्रक्रिया होती है। ग्रामीणों की ओर से आरोप लगाया गया है कि एक आवास के लिए कई बार जियोटैगिंग के नाम पर राशि ली जा रही है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
नियम के अनुसार आवास मित्र को आवास पूर्ण होने पर प्रति आवास 1,000 रुपए मानदेय मिलने की बात कही गई है। ऐसे में ग्रामीणों ने जियोटैगिंग अथवा फोटो के नाम पर अतिरिक्त राशि लिए जाने के आरोपों की जांच की मांग की है।

उच्च अधिकारियों के मौखिक आदेश पर होल्ड किए जा रहे खाते
इस संबंध में जनपद पंचायत पिथौरा की आवास शाखा के प्रभारी ने बताया कि कलेक्टर एवं जिला पंचायत के सीईओ के मौखिक आदेश के अनुसार पीएम आवास हितग्राहियों के खातों को होल्ड करने के लिए बैंकों को कहा गया है। उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य आवास निर्माण की राशि का उपयोग आवास निर्माण में सुनिश्चित करना और समय पर आवास पूर्ण कराना है। बगारदरहा की मेनका साहू एवं शेषोबाई के मामले में उन्होंने कहा कि एक-दो दिन में जांच की जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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