अब जिले का कोई भी सरकारी स्कूल नहीं रहेगा बालिका शौचालय विहीन
कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने एक सप्ताह में बालिका शौचालय विहीन स्कूलों की सूची और निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने के दिए निर्देश
जर्जर शौचालय होंगे डिस्मेंटल, स्वीकृति के ढाई माह के भीतर निर्माण पूरा कराने की समय-सीमा तय
बलौदाबाजार-भाटापारा। जिले के सभी शासकीय स्कूलों में बालिकाओं के लिए पृथक शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इसके बाद जिले का कोई भी सरकारी विद्यालय बालिका शौचालय की सुविधा से वंचित नहीं रहेगा। कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित समय-सीमा की बैठक में विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि जिन शासकीय स्कूलों में बालिकाओं के लिए पृथक शौचालय उपलब्ध नहीं है, उनकी सूची तैयार कर एक सप्ताह के भीतर निर्माण की स्वीकृति के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के माध्यम से बालिका शौचालय विहीन तथा जर्जर शौचालय वाले विद्यालयों की सत्यापित सूची प्राप्त करने के निर्देश दिए।
जर्जर शौचालयों को किया जाएगा डिस्मेंटल
कलेक्टर शर्मा ने कहा कि जो शौचालय जर्जर स्थिति में हैं, उनका लोक निर्माण विभाग के माध्यम से डिस्मेंटल कराया जाएगा। वहीं नए बालिका शौचालयों के निर्माण के लिए निर्धारित प्रावधानों के तहत राशि की स्वीकृति प्रदान की जाएगी। उन्होंने सभी जनपद सीईओ को निर्देश दिए कि निर्माण की स्वीकृति मिलने के बाद दो से ढाई माह के भीतर शौचालय निर्माण कार्य पूर्ण कराया जाए।
इस पहल से स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं को स्वच्छ, सुरक्षित और पृथक शौचालय की सुविधा उपलब्ध होगी।
सेवा संकल्प अभियान के तहत 1 से 7 अक्टूबर तक लगेंगे सेवा सेतु शिविर
बैठक में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित किए जाने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को कार्यक्रमों का गंभीरतापूर्वक आयोजन करने के साथ अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि 1 अक्टूबर से 7 अक्टूबर तक जिले के सभी विकासखंडों में चिन्हांकित स्थानों पर सेवा सेतु शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से केंद्र एवं राज्य शासन की लगभग 31 योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों को उपलब्ध कराया जाएगा।
कलेक्टर ने कहा कि शिविरों में हितग्राहियों से आवेदन भी प्राप्त किए जाएंगे और यथासंभव आवेदनों का निराकरण शिविर स्थल पर ही सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही 3 से 6 माह से लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए सेवा संकल्प अभियान के तहत विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।
गोठानों में मवेशियों के लिए चारा-पानी और सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था
कलेक्टर ने गोठानों में मवेशियों की सुरक्षा तथा चारा-पानी की व्यवस्था की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी जनपद सीईओ को गोठानों की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा मवेशियों के लिए पर्याप्त चारा, पानी और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सुरभि गोधाम के लिए प्रत्येक विकासखंड से 10-10 ग्रामों का चिन्हांकन कर सूची उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
ई-ऑफिस से लेकर डिजिटल क्रॉप सर्वे तक की समीक्षा
समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर ने विभिन्न विभागों के महत्वपूर्ण कार्यों और लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की। इस दौरान ई-ऑफिस, सीएम हेल्पलाइन, लंबित राजस्व प्रकरण, सीपी ग्राम्स, मुख्यमंत्री जनदर्शन, पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, डिजिटल क्रॉप सर्वे, डिजिटल किसान किताब, सेवा सेतु पोर्टल एवं न्यायालयीन प्रकरणों की प्रगति की जानकारी ली गई।
कलेक्टर ने अधिकारियों को शासन की प्राथमिकताओं से जुड़े कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने तथा जनहित से संबंधित मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में डीएफओ पंकज कमल, अपर कलेक्टर ए.आर. टंडन, निशा नेताम मड़ावी, सीमा ठाकुर सहित सभी एसडीएम, जनपद पंचायत सीईओ एवं विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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