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Crime News Chhattisgarh : धान काटे बर गे रहिन खेत, मच गे घमासान , पहुंच गे सांकरा थाना

 


 धान काटे बर गे रहिन खेत,  मच गे घमासान  , पहुंच गे सांकरा थाना 

सांकरा। गांव मं धान के फसल पक के तियार होइस, फेर फसल काटे के पहिली विवाद के फसल लहलहा गे! महासमुंद जिला के सांकरा थाना क्षेत्र के ग्राम सल्डीह मं खेत ले धान काटे के बात अइसन गरमाइस कि खेत के मामला थाना तक पहुंच गे। अब हालत ये हे कि धान के कटाई बाद मं होही, पहिली कागज-पत्तर अउ बयान के खेती शुरू हो गे हे!

मिली जानकारी के मुताबिक, धनू भोई के कहना हे कि वो नुआर खार के खेत मं करीब 40 बछर ले खेती-किसानी करत आवत हें। ए बछर घलो धान लगाय रहिन, फसल पक के तियार हो गे रहिस। फेर 21 अक्टूबर के बिहान खेत मं धान काटे के बात ला लेके अइसन विवाद शुरू होइस कि मामला सीधे थाना पहुंच गे।

धान के खेत मं शुरू होइस ‘कौन काटही’ के बहस
शिकायत के मुताबिक, विशाम्भर भोई, ओकर पत्नी शांति भोई, बेटा राजेश भोई, बहू सुमती भोई अउ कुछ दूसर मन खेत मं धान काटत रहिन। ए बात के खबर धनू भोई ला मिलिस, त वो अपन पत्नी भूमिसुता भोई के संग करीब 11 बजे खेत पहुंचिन अउ धान काटे ले मना करिन।

बस, एखरे बाद खेत मं धान के बाली संग विवाद घलो हिलोर मारे लगिस। धनू भोई के आरोप हे कि विशाम्भर अउ राजेश भोई गाली-गलौज करे लगिन। विरोध करे पर जान ले मारे के धमकी देके हंसिया ले हमला करिन।

आरोप के मुताबिक, विशाम्भर भोई हंसिया के धार ले धनू भोई के माथा मं वार करिस, जबकि राजेश भोई हंसिया के बेट ले ओकर पत्नी भूमिसुता के मुंह मं मारिस। शांति भोई अउ सुमती भोई ऊपर भूमिसुता के दुनों हाथ पकड़े अउ गाली-गलौज करे के आरोप घलो लगाय गे हे।

खेत मं विवाद, थाना मं काउंटर केस के ‘फसल’
अब मामला अइसन हे कि एके घटना मं दुनों पक्ष के अपन-अपन बात हे। एक पक्ष के शिकायत के मुताबिक मारपीट अउ धमकी के आरोप लगाय गे हे, अउ दुनों पक्ष के रिपोर्ट पर काउंटर केस दर्ज होय हे।

सांकरा थाना मं एफआईआर क्रमांक 0184/2026 दर्ज हे। पुलिस रिकॉर्ड मं भारतीय न्याय संहिता के धारा 115(2), 296, 3(5) अउ 351(2) के उल्लेख हे।

गांव के खेत मं धान के फसल त एके रहिस, फेर विवाद के कहानी मं दुनों पक्ष के अपन-अपन दावा निकल गे। अब पुलिस जांच मं पता चलही कि घटनाक्रम का रहिस अउ आरोप के सच्चाई का हे।

फिलहाल, धान के कटाई के विवाद थाना पहुंच गे हे। अब खेत मं फसल कटही कि नइ, ए तो बाद के बात आय; अभी तो पुलिस जांच के ‘कटाई-छंटाई’ चलत हे!

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