सरायपाली मं कथित अवैध क्लीनिक के ‘इलाज’ ऊपर प्रशासन के छापा! क्लीनिक सील, एक्सपायरी दवई अउ उपकरण जब्त
सरायपाली। मरीज मन के बीमारी भगाय बर क्लीनिक खोलना अलग बात आय, फेर अगर दवई के मियादे पार हो गे अउ डिग्री के पता नइ, त फेर प्रशासन के जांच के सामना करे बर तैयार रहना पड़ही ! महासमुंद जिला के सरायपाली मं अइसने एक कथित अवैध क्लीनिक ऊपर स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग अउ पुलिस के संयुक्त टीम कार्रवाई करत क्लीनिक ला सील कर दिस। जांच के दौरान एक्सपायरी दवई अउ मरीज मन के इलाज मं उपयोग होय वाले कई किसिम के चिकित्सकीय उपकरण घलो बरामद होय हे।
जनदर्शन मं शिकायत पहुंचिस, फेर टीम पहुंच गे क्लीनिक!
मिली जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री जनदर्शन पोर्टल मं शिकायत मिले के बाद प्रशासन हरकत मं आइस। शिकायत मं आरोप लगाय गे रहिस कि सरायपाली के झिलमिला चौक स्थित राकेश मेडिकल ले जुड़के विनायक पणिग्रही बिना वैध चिकित्सकीय डिग्री या जरूरी प्रमाण-पत्र के कथित रूप ले क्लीनिक चलावत रहिस।
शिकायत ला गंभीरता ले लेत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर. के. सिंह कुशवाहा के निर्देश मं स्वास्थ्य विभाग के टीम अचानक जांच करे पहुंच गे। अब क्लीनिक मं मरीज मन के इलाज के संग-संग कागज-पत्तर के जांच घलो शुरू हो गे।
दवई के मियाद निकल गे, जांच मं खुलिस मामला !
जांच के दौरान टीम क्लीनिक मं चिकित्सकीय योग्यता के दस्तावेज देखिस अउ इलाज मं उपयोग होय वाले दवई अउ उपकरण के जांच करिस। ए दौरान अवधिपार यानी एक्सपायरी दवई अउ उपचार संबंधी उपकरण मिलिन।
अब दवई के मियाद अगर निकल गे होही, त ओला मरीज के बीमारी ठीक करे बर उपयोग करना खतरा ले खाली नइ हो सकय। एखरे सेहत विभाग ला सूचना देय गे, अउ मामला आगू बढ़िस राजस्व अउ पुलिस विभाग तक।
तहसीलदार अउ पुलिस पहुंचिन, क्लीनिक मं लग गे ताला !
अनुविभागीय दंडाधिकारी सरायपाली के आदेश के बाद राजस्व अउ पुलिस विभाग के टीम घलो मौके मं पहुंचिस। तहसीलदार, नायब तहसीलदार, हल्का पटवारी अउ पुलिसकर्मी मन के मौजूदगी मं पंचनामा तियार करे गे अउ संबंधित क्लीनिक ला विधिवत सील कर दे गे हे ।
कार्रवाई मं जिला नोडल अधिकारी (नर्सिंग होम एक्ट) डॉ. वी. पी. सिंह, सहायक नोडल अधिकारी डॉ. केशव चंद्र साहू अउ जिला समन्वयक (आयुष्मान भारत) श्री पृथ्वी साहू शामिल रहिन।
अब क्लीनिक के दरवाजा मं ताला लग गे हे, अउ मामला वैधानिक कार्रवाई के रद्दा मं आगे बढ़त हे। नर्सिंग होम एक्ट सहित लागू प्रावधान के तहत आगू के कार्रवाई करे जात हे।
स्वास्थ्य विभाग के दो टूक—सेहत के मामला मं लापरवाही नइ चलय !
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर. के. सिंह कुशवाहा कहिन कि आम जनता ला सुरक्षित अउ गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा देना विभाग के पहिली जिम्मेदारी आय। बिना जरूरी चिकित्सकीय योग्यता के इलाज करना अउ एक्सपायरी दवई के उपयोग करना जनस्वास्थ्य बर गंभीर खतरा बन सकथे।
विभाग के कहना हे कि अइसने अनियमितता के मामला मं शून्य सहनशीलता के नीति अपनाय जाही अउ नियम के मुताबिक सख्त कार्रवाई करे जाही।
कुल मिलाके, मरीज मन सेहत सुधारे बर क्लीनिक जाथें, फेर इलाज करे वाला के योग्यता अउ दवई के मियाद जांचे के जिम्मेदारी घलो जरूरी आय। प्रशासन के ए कार्रवाई साफ संदेश देत हे कि सेहत के मामला मं ‘चल जाही’ वाला रवैया नइ चलय !

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