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Chhattisgarh : सिकल सेल से पीड़ित मरीजों को दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी करने से योजनाओं का मिलेगा लाभ - सासंद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी

सासंद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी


राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन कार्यक्रम का आयोजन

सिकल सेल से पीड़ित मरीजों को दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी करने से योजनाओं का लाभ मिलेगा - सासंद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी

समन्वय और जागरूकता से सिकल सेल में कमी लायी जा सकती है - विधायक श्री राजू सिन्हा

अतिथियों ने कार्यक्रम में दिव्यांग प्रमाण पत्र और पहचान पत्र प्रदान किए

महासमुंद : राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन विश्व दिवस पर आज स्वास्थ्य विभाग एवं आदिवासी विकास विभाग के तत्वाधान में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन जिला पंचायत के सभाकक्ष में किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी व अध्यक्षता विधायक महासमुंद श्री योगेश्वर राजू सिन्हा एवं विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती ऊषा पटेल उपस्थित थे। कार्यक्रम में 13 लाभार्थियों को पहचान कार्ड और 5 हितग्राहियों को दिव्यांग प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया तथा सिकल सेल उन्मूलन जागरूकता रथ को हरी झण्डी रिखाकर रवाना किया गया।

इस अवसर पर सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन कार्यक्रम के राष्ट्रीय प्रसारण को देखा गया। मुख्य अतिथि सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने कहा कि शासन द्वारा सिकल सेल के उन्मूलन के लिए अनेकों प्रयास किए जा रहे हैं। यह खुशी की बात है कि अब सिकल सेल पीड़ितों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र दिया जा रहा है। इससे उन्हें २ासन की योजनाओं का लाभ मिलना सुनिश्चित होगा। उन्हांने कहा कि जिले में जितने भी सिकल सेल के मरीज है उनका परीक्षण कर उपचार आवश्यक है। इसके लिए विकासखण्ड मुख्यालयों पर भी शिविर लगाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि परीक्षण के पश्चात उनका समुचित इलाज भी आवश्यक है। इस अवसर पर विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा ने कहा कि सिकल सेल एक गम्भीर बीमारी है, इसके लिए हमें सजग होना पड़ेगा और समय पर इसका इलाज नियमित तौर पर कराना पड़ेगा। उन्हेंने कहा कि मैदानी अमला जैसे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, एनएएम सिकल सेल संबंधी जानकारी को परिवार के साथ साझा करें। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों का उपचार किया जाए। श्री सिन्हा ने कहा कि २ासन और प्रशासन तथा जनसहयोग से सिकल सेल को मिलकर दूर करेंगे। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती ऊषा पटेल ने कहा कि इस बीमारी के चिन्हांकन के पश्चात जागरूकता और काउंसलिंग आवश्यक है। आने वाली पीढ़ी सिकल सेल से पीड़ित न हो इसलिए स्वास्थ्य विभाग समन्वय कर उपचार सुनिश्चित करें।

इस अवसर पर कलेक्टर श्री प्रभात मलिक ने कहा कि जिले में सिकल सेल एनीमिया के उन्मूलन के लिए लगातार शिविर लगाकर काउंसलिंग की जा रही है। इस वर्ष वार्षिक लक्ष्य 2,43,786 के विरूद्ध 2,80129 उपलब्धि हासिल की है तथा तीन वर्ष हेतु दिये गये लक्ष्य 731359 के विरूद्ध अब तक जिला महासमुन्द ने 389672 लाभार्थियों का सिकल सेल जॉच कर सिकल सेल एप में प्रविष्टि की गयी जो कि तीन वर्ष के लक्ष्य के विरूद्ध 53.28 प्रतिशत उपलब्धी हॉसिल की गई है। उक्त जॉच उपरांत जिले में अब तक 649 सिकल सेल के धनात्मक मरीज व 8856 सिकल सेल केरियर पाए गए। जिला प्रशासन द्वारा अब तक 649 सिकलसेल के मरीजों में से 539 को दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी किया जा चुका है। ग्रामस्तर एवं चिकित्सकीय संस्थान स्तर पर सिकल सेल साल्युबिलिटी जाँच में धनात्मक आये गये प्रकरणों को पी.ओ.सी. कीट अथवा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र/जिला अस्पताल स्तर पर उपलब्ध इलेक्ट्रो फोरोसिस टेस्ट के माध्यम से अंतरिम सिकल सेल मरीजों अथवा सिकल सेल कैरियर की पुष्टी की जाती है।

कार्यक्रम में महासमुंद जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री यतेन्द्र साहू, श्री संदीप दीवान, श्री सतपाल सिंह पाली, श्री महेन्द्र जैन, श्री प्रकाश शर्मा, श्रीमती त्रिलोकी राधेश्याम, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री एस. आलोक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी श्री पी. कुदेशिया, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्रीमती शिल्पा साय, डीपीएम श्रीमती नीलू धृतलहरे एवं स्वास्थ्य, आदिवासी विकास विभाग एवं महिला बाल विकास के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन और लाभार्थी मौजूद थे।

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