दो जिलों में एक साथ ACB का एक्शन, भ्रष्टाचार पर बड़ी चोट
Manendragarh मनेंद्रगढ़ : छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ और बेमेतरा जिलों में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ दो अलग-अलग बड़ी कार्रवाइयां करते हुए सरकारी विभागों में रिश्वतखोरी का भंडाफोड़ किया है। दोनों मामलों में आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है, जिससे संबंधित विभागों में हड़कंप मच गया है। पहला मामला मनेंद्रगढ़ का है, जहां छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के कार्यालय में ACB की टीम ने ट्रैप कार्रवाई की। शिकायत के अनुसार 5 एचपी मोटर कनेक्शन देने के एवज में 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी। शिकायत की पुष्टि होने के बाद ACB ने योजना बनाकर पीड़ित को 9,500 रुपये देकर संबंधित कार्यालय भेजा।
जैसे ही शिकायतकर्ता ने यह राशि कनिष्ठ अभियंता मनीष बजाज और लाइनमैन राकेश शुक्ला को दी, उसी समय ACB की टीम ने मौके पर दबिश देकर दोनों को रंगे हाथों पकड़ लिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से बिजली विभाग के कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। टीम ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। ACB अधिकारियों के अनुसार शिकायत की प्रारंभिक जांच में रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद ट्रैप ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
दूसरी कार्रवाई बेमेतरा जिले के साजा ब्लॉक मुख्यालय में की गई, जहां ACB ने एक पटवारी को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। आरोपी पटवारी ओंकार सुनवानी को 15 हजार रुपये नकद लेते रंगे हाथ पकड़ा गया। जानकारी के अनुसार ग्राम केंद्र निवासी किसान नरोत्तम अपनी जमीन से जुड़े कार्य के लिए लगातार पटवारी कार्यालय के चक्कर लगा रहा था। आरोप है कि काम कराने के एवज में पटवारी ने 30 हजार रुपये की मांग की थी, जिसमें पहली किस्त के रूप में 15 हजार रुपये देने पर सहमति बनी थी।
किसान ने इसकी शिकायत ACB से की, जिसके बाद टीम ने जाल बिछाया। तय योजना के अनुसार जैसे ही किसान ने पटवारी को 15 हजार रुपये दिए, टीम ने मौके पर दबिश देकर उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद पटवारी ओंकार सुनवानी से पूछताछ की जा रही है और पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। ACB अधिकारियों ने बताया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ ऐसी कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। इन दोनों कार्रवाइयों के बाद लोगों में ACB की सक्रियता को लेकर चर्चा तेज हो गई है, जबकि सरकारी कार्यालयों में रिश्वतखोरी पर कड़ा संदेश गया है।
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