Ad Code

Chhattisgarh : बाल विकास परियोजना अधिकारी निलंबित

 


अपचारी बालकों ने बाल संप्रेषण गृह में की थी तोड़फोड़ और गाली गलौज; अब लिया गया एक्शन


(News Credit by Bhaskar news)

Chhattisgarh : अवर सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग छत्तीसगढ़ शासन विजया खेस्स ने दुर्ग जिले के बाल विकास परियोजना अधिकारी विजय प्रभात सरल को सस्पेंड कर दिया है। यह कार्रवाई संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग की अनुशंसा पर की गई है। बताया जा रहा है कि राज्य शासन के स्थानांतरण आदेश की अवहेलना करते हुए 21 अप्रैल 2022 को सरल ने जॉइन नहीं किया था। इसी दौरान दुर्ग में संचालित बाल संप्रेषण गृह में बाल अपराधियों के द्वारा तोड़फोड़ और अधिकारियों से गाली गलौज की गई। इसके चलते उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है।

जानकारी के मुताबिक, राज्य शासन ने बाल विकास परियोजना अधिकारी विजय प्रभात सरल को शासकीय बाल संप्रेक्षण गृह दुर्ग के अधीक्षक का अतरिक्त प्रभार सौंपा गया था। शासन के आदेश पर विजय को 21 अप्रैल 2022 को दुर्ग जाकर अपना पदभार ग्रहण करना था, लेकिन उन्होंने जॉइनिंग नहीं दी। इसी दौरान दुर्ग पुलगांव स्थित बाल सम्प्रेषण गृह पुलगांव में रह रहे बाल अपराधियों ने वहां के परीविक्षा अधिकारी से जमकर गाली गलौज की। यहां रह रहे चार अपराधियों ने उत्पात मचाते हुए संप्रेक्षण गृह में रह रहे दूसरे किशरों से गाली गलौज की और वहां का टी.वी, कूलर, दरवाजा, खिड़की, लाइट, बिजली बोर्ड, पंखा आदि में तोड़फोड़ की।

ऐसा करते हुए उन्होंने शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है। बाल सम्प्रेषण के परीविक्षा अधिकारी की शिकायत पर पुलगांव पुलिस ने 4 किशोरों के खिलाफ धारा 186,294, 506, 34 के तहत मामला दर्ज किया है। इस मामले की जांच करने पर संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग विजय प्रभात सरल लापरवाही को उत्तरदाई माना।

शासन के आदेश की अवहेलना को माना घोर लापरवाही

संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग ने 12 मई 2022 को शासन को राज्य शासन को पत्र लिखा। इस पत्र में उन्होंने परियोजना अधिकारी विजय प्रभात सरल को निर्देशों का उल्लंघन और अवहेलना करने का दोषी बताया। इसलिए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत विजय सरल को निलंबित किया गया है।


Ad code

ad inner footer ad inner footer

Ad Code

Responsive Advertisement