पिथौरा मनरेगा कार्य में फर्जीवाड़ा की शिकायत , कलेक्टर ने दिए जाँच के आदेश
रूपानंद सोई , ९४२४२-४३६३१
पिथौरा : मनरेगा योजना के तहत हुए कार्यों में जिन मजदूरों के द्वारा कार्य नहीं किया गया है उनके नाम से फर्जी हाजरी डालने का आरोप लगाकर हितग्राही ने कलेक्टर से शिकायत कर जांच करने की मांग की है। उक्त मांग पर कलेक्टर ने सीईओ जिला पंचायत को जाँच कर कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया है |
मिली जानकारी अनुसार पिथौरा विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत ढाबाखार के पूर्व सरपंच श्रीमती नीलेंद्री निषाद के कार्यकाल में मदन भोई पिता देवानंद भोई के नाम से मनरेगा योजना के तहत निजी डबरी निर्माण कार्य स्वीकृत हुआ था | हितग्राही मदन भोई के द्वारा कलेक्टर महासमुंद को सौंपे शिकायत पत्र में आरोप लगाते हुए उसके नाम से स्वीकृत निजी डबरी निर्माण कार्य में जमकर फर्जीवाड़ा किया जाना बताया गया है | जो मजदूर काम नहीं किये हैं उनका भी मजदूरी डालकर राशि भुगतान किया गया है | फर्जी मजदूर मेमबाई जॉब कार्ड क्र. (CH-15-006-034-002/26) , पुस्तम जॉब कार्ड क्र. (CH-15-006-034-002/305) , कार्तिक , लता जिसका जॉब कार्ड क्र. (CH-15-006-034-002/306), सुकांति , रामलाल जॉब कार्ड क्र. (CH-15-006-034-002/308), राधाबाई जॉब कार्ड क्र. (CH-15-006-034-002/53) है | इन मजदूरों ने उक्त निजी डबरी निर्माण में कभी भी मजदूरी कार्य नहीं किये है फिर भी इनके नाम से मजदूरी राशि भुगतान किया है | शिकायतकर्ता मदन भोई ने बताया की उसके निजी डबरी कार्य में सूर्यकान्त, प्रमोद एवं यशवंत ये तीनो मेट का काम कर रहे थे और ये फर्जी मजदूर मेमबाई, पुस्तम एवं राधाबाई इन मेट के परिजन हैं |
इसी तरह और भी कई मजदूर हैं जो दो -चार दिन काम किये हैं लेकिन उनके नाम से कई -कई दिनों का फर्जी हाजरी दर्शाया गया है | उक्त निजी डबरी निर्माण कार्य में 1 लाख, 74 हजार, 9 सौ , 95 रूपये मजदूरी भुगतान करने के बाद भी हितग्राही मदन भोई का खेत जो है डबरी नहीं बन पाया और खेत का खेत रह गया इसी तरह भ्रष्टाचार का भेंट चढ़ गया और डबरी के लाभ से हितग्राही वंचित हो गया |
फर्जी हाजिरी भरकर हो रहा फर्जीवाड़ा
पड़ताल में पता चला कि मनरेगा के कार्यों में सही निरीक्षण और मूल्यांकन नहीं होने से रोजगार सहायक विभागीय अफसरों के साथ मिलकर जमकर गड़बड़ी कर रहे हैं | कई जगहों पर फर्जी तरीके से मस्टररोल, फाल्स हाजिरी भरकर यह फर्जीवाड़ा हो रहा है | साथ ही मनरेगा के कार्यों को ठेके के माध्यम से जेसीबी से भी कराया जा रहा है | और रोजगार सहायक अपने परिवार व रिश्तेदार एवं करीबियों के नाम से व्यक्तिगत जॉबकार्ड बनवाकर राशि निकाल रहे हैं | ग्राम पंचायत ढाबाखार में मनरेगा के और भी अनेक कार्यों में जमकर फर्जीवाड़ा किये जाने की गाँव में जमकर चर्चा है |
इस तरह हुआ फर्जीवाड़ा का खुलासा
मदन भोई के नाम से स्वीकृत निजी डबरी के मस्टररोल रिपोर्ट की जानकारी ऑनलाइन वेबसाइट पर चेक की गई | इसके बाद पंचायत में ग्रामीणों से बातचीत करने पर पता चला कि रिपोर्ट में जिस मजदूरों का नाम शामिल किया गया है, वो मजदूर कभी काम पर ही नहीं गए हैं और वो मजदूर मेट के परिजन हैं | हितग्राही मदन भोई को इसकी जानकारी मिलने पर उसके निजी डबरी में हुए फर्जीवाड़े की शिकायत कलेक्टर महासमुंद से की है | जिस पर कलेक्टर महासमुंद ने सीईओ जिला पंचायत को जाँच कर कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया है |
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