कलेक्टर ने ली समय-सीमा की बैठक, दिए आवश्यक निर्देश
कुपोषित बच्चों को सुपोषित करने गोद लेंगे अधिकारी
पीएम जनमन के तहत आवास के लिए 15 दिनों के लिए पोर्टल खुला
विकास कार्यां में रूचि नहीं लेने वाले सरपंच एवं सचिवों के विरुद्ध होगी कार्रवाई - कलेक्टर
महासमुंद : कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने आज सुबह 10:00 बजे से कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक आयोजित कर जिले में संचालित शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा, रवि कुमार साहू, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), विभागीय जिलाधिकारी, जनपद सीईओ, नगरीय निकायों के सीएमओ तथा वीसी के माध्यम से ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर लंगेह ने बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि जिले में धान उठाव के कार्य में तेजी लाएं और शेष धान का उठाव 25 मार्च तक अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से संबंधित लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए कृषि विभाग को शिविर आयोजित कर किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए। कृषि उप संचालक ने बताया कि वर्तमान में शिविर लगाकर समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है। कलेक्टर श्री लंगेह ने जिले में कुपोषण को समाप्त करने के लिए अधिकारियों को कुपोषित बच्चों को गोद लेकर उनके स्वास्थ्य एवं पोषण सुधार की दिशा में प्रयास करने के निर्देश दिए हैं तथा चिन्हांकित कुपोषित बच्चों को गोद लेकर उन्हें पोषित करने की जिम्मेदारी दी गई है। स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा में कलेक्टर ने सभी छात्रों के अपार कार्ड बनाए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी विकासखण्ड अधिकारियों को निर्देशानुसार काम करने कहा है। साथ ही जिनकी प्रगति संतोषप्रद नहीं है ऐसे बीईओ को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर लंगेह ने निर्देश दिए है कि सभी अधिकारी-कर्मचारी मंगलवार और बुधवार को अनिवार्य रूप से कार्यालय में रहें तथा प्रतिदिन प्रातः 10 बजे समय पर कार्यालय पहुंचे तथा आधार बेस्ड उपस्थिति प्रणाली को अनिवार्य रूप से पालन करें। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय पर उपस्थिति में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ई-ऑफिस प्रणाली में नियमित पत्राचार करते हुए इसे व्यवहार में प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर लंगेह ने कहा कि पीएम जनमन आवास योजना के अंतर्गत सर्वे के लिए पोर्टल 15 दिनों तक खुला है। उन्होंने पात्र हितग्राहियों का सर्वे समय-सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्वामित्व योजना अंतर्गत वनाधिकार पट्टों के नामांतरण के लिए विशेष निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि यह वन भूमि अंतर्गत आता है, तो संबंधित वन विभाग के रेंज ऑफिस से संपर्क करें। यदि राजस्व अंतर्गत है तो तहसीलदार से संपर्क कर सकते हैं। इससे स्वामित्व के पट्टे बनाए जा सकेंगे। कलेक्टर ने सभी जनपद सीईओ को मनरेगा के तहत अधिक से अधिक मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए मानव दिवस बढ़ाने के निर्देश दिए है। वर्तमान में 526 ग्राम पंचायतों में लगभग 36 हजार मजदूर कार्यरत हैं, जिसे और बढ़ाने पर जोर दिया गया। साथ ही गांव-गांव में कचरा संग्रहण की शुरुआत करने के निर्देश दिए। विशेषकर राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे बसे गांवों को मॉडल विलेज के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही नगरीय निकायों के सीएमओ को नियमित साफ-सफाई एवं कचरा संग्रहण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में संपूर्णता अभियान के अंतर्गत सभी संकेतकों को पूर्ण करने पर भी जोर दिया गया तथा ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को शिविरों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए। आगामी जनगणना को ध्यान में रखते हुए जनगणना प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने के लिए अधिकारियों को कहा गया। कलेक्टर ने विभिन्न विकास प्राधिकरणों में लंबित कार्यों में रुचि नहीं लेने वाले सरपंच एवं सचिवों पर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी गई। कलेक्टर ने ड्रग्स, खाद्य, स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग को नशे के विरुद्ध सतत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने जल संचयन भागीदारी 2.0 योजनांतर्गत शासकीय कार्यालयों, स्कूलों, आंगनवाड़ी केन्द्रों में सोख्ता गड्ढा सहित जल संचयन के लिए विशेष पहल करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मनरेगा अंतर्गत जल संचयन के कार्य को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने खनिज एवं रेत के अवैध परिवहन एवं भंडारण पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा कलेक्टर ने आधार कार्ड, वय वंदन योजना तथा आयुष्मान कार्ड की प्रगति की समीक्षा करते हुए लक्ष्यों की प्राप्ति में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने पीएम जनमन, मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जन चौपाल, समय-सीमा पत्रक और राजस्व प्रकरणों, लोक सेवा गारंटी की समीक्षा करते हुए गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही अन्य विभागों से संबंधित पत्रों एवं लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

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