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पिथौरा : मुख्यालय में नहीं रहते पंचायत सचिव , ग्रामीण हो रहे हैं परेशान

 


मुख्यालय में न रहकर भी एक ही पंचायत में 15-20 साल गुजार दिये पंचायत सचिव, नहीं होता तबादला 

जन-कल्याणकारी योजना से ग्रामीण हो रहे हैं वंचित 

रूपानंद सोई 94242 - 43631 

पिथौरा : ब्लॉक के अधिकांश ग्राम पंचायत में सचिव मुख्यालय पर नहीं रहते हैं, जिसके चलते समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान हो रहे हैं साथ ही जन-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर नहीं मिल रहा है , समस्या लेकर ग्राम पंचायत कार्यालय पहुंचने पर ग्रामीणों को कोई भी जिम्मेदार नहीं मिलता है।

ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत सचिव मुख्यालय पर रहते ही नहीं है। पंचायत सचिव अपने गृहग्राम में रहते हैं। ऐसे में अधिकांश कार्यालयीन दिवस के दौरान पंचायत भवन बंद रहता है।

सचिव पंचायत के कार्यों में रुचि नहीं ले रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पंचायती राज के कार्य और गांव में अव्यवस्था के संबंध में सचिव से शिकायत करने के बाद भी ध्यान नहीं दिया जाता है। 

ये सचिव जो मुख्यालय में नहीं रहते हैं -

क्र.

पंचायत सचिव का नाम

पदस्थ ग्राम पंचायत

गृहग्राम/वर्तमान निवास

गृह ग्राम से मुख्यालय तक अनुमानित दुरी

1.

श्रीमती उमा ठाकुर

ग्रा.पं. ढाबाखार

बांसकाटा

40 कि.मी.

2.

पुष्पलता साव

ग्रा.पं. गोडमर्रा

बरोली

22 कि.मी.

3.

श्रीमती हेमलता साहू

ग्रा.पं. टेका

मोहंदा

21 कि.मी.

4.

श्री अनिल दुबे

सोहागपुर  

महासमुंद

70 कि.मी.

5.

श्री लुकेश चौधरी

ग्रा.पं.डुमरपाली

जम्हर

30 कि.मी.

6.

श्री हजारीलाल कैवर्त

ग्रा.पं. बडेलोरम

भोकलुडीह

23 कि.मी.

7.


8.

श्री लालाराम ठाकुर

मुकेश दीवान 

ग्रा.पं.सुखीपाली


ग्रा.पं. चरौदा

बगारपाली


कसहीबाहरा

30 कि.मी.


40 कि.मी.

  टीप इस  तरह से मुख्यालय में नहीं रहने वाले पंचायत सचिव और भी हैं ।    


व्यवस्था दुरुस्त करने के पक्ष में नहीं है अधिकारी
सचिव श्रीमती उमा ठाकुर ग्राम पंचायत ढाबाखार में एक ही ग्राम पंचायत में विगत 15 वर्षों से पदस्थ है माह में दो या तीन दिन मुख्यालय आती है वो भी एक से दो घंटे के लिए, इस बारे में कुछ ग्रामीणों ने दिनांक 11/10/2022 को कलेक्टर महासमुंद के समक्ष उक्त सचिव को हटाने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया था उक्त ग्रामीणों की मांग पर कलेक्टर महासमुंद ने सचिव उमा ठाकुर को तत्काल हटाने हेतु ग्रामीणों को आश्वासन दिया था। लेकिन जिला पंचायत सी ई ओ के द्वारा आजतक उक्त सचिव को नहीं हटाया गया है ।

इसी तरह सचिव अनिल दुबे ग्राम पंचायत सोहागपुर में एक ही ग्राम पंचायत में लगभग 20 वर्षों से पदस्थ है महासमुंद में रहते हैं तथा पंचायत सचिव संगठन के अध्यक्ष रह चुके हैं राजनीतिक पहूंच के कारण आज तक उक्त सचिव का कभी तबादला नहीं हुआ ।

जिले भर में सैकडों की संख्या में पंचायत सचिव मुख्यालय में नहीं रहते हैं इस बात की जानकारी विभाग के सभी अधिकारियों को है लेकिन अधिकारी कर्मचारीयों का बेहत्तर तालमेल होने के कारण कई सचिव एक ही पंचायत में मुख्यालय में बिना रहे 15-20 साल गुजार दिये ।  




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