पिथौरा और बसना जनपद में 40 वर्षों से एक ही टेबल पर जमे हैं अधिकारी और कर्मचारी, स्थानांतरण का डर न होने के कारण काम में घोर लापरवाही और शिथिलता
महासमुंद : जिले में कई ऐसे विभाग हैं जहां लंबे समय से अधिकारी कर्मचारी जमे बैठे हैं। अधिकारी व कर्मचारियों के एक ही जगह जमा रहने के कारण विभागीय कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। हैरत वाली बात तो यह है कि कई ऐसे अधिकारी कर्मचारी ऐसे हैं जो 40 वर्षों से एक ही टेबल पर जमे हैं। जिससे शासन के योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी गंभीर लापरवाही साफ देखी जा सकती है।
खासकर पंचायत विभाग संवेदनशील विभाग हैं जहां ऐसे भी कई कर्मचारी हैं जो शुरू से ही यहीं जमे हुए हैं।
जबकि शासन के नियमानुसार किसी शासकीय अधिकारी कर्मचारी को तीन वर्षों से ज्यादा एक ही स्थान पर पदस्थ नहीं किया जा सकता, लेकिन ऐसा लगता है कि राज्य सरकार अपनी ही बनाई नीतियों का पालन नहीं करती।
सूचना के अधिकार के तहत रूपानंद सोई को मिली जानकारी अनुसार पिथौरा और बसना जनपद कार्यालय में 40 वर्षों से एक ही टेबल पर अधिकारी और कर्मचारी जमे हुए हैं | जिसमें जनपद कार्यालय बसना में प्रवीण खोब्रागढे, सहायक ग्रेड 03, दिनांक 01/06/19८७ जो लगभग 40 साल से एक ही दफ्तर में जमें हुए हैं इसी प्रकार राजनारायण शर्मा , करारोपण अधिकारी, दिनांक 10/07/1990 से | रूपसिंह सिदार, करारोपण अधिकारी, दिनांक 15/12/2001 से | जयराम सिदार, करारोपण अधिकारी, दिनांक 17/08/2006 से | करुनाकर दास , सहायक ग्रेड 03, दिनांक 02/04/2008 से | राजेश भारतीय , सहायक ग्रेड 03, दिनांक 29/04/2015 से तथा गोवर्धन बंजारा , भृत्य , दिनांक 01/05/1995 गेंदलाल साहू , भृत्य, दिनांक 01/04/1997 से पदस्थ हैं |
इसी तरह जनपद कार्यालय पिथौरा में सुभाष प्रधान, करारोपण अधिकारी, दिनांक 20/01/19८७ से | गुलाब सामल , करारोपण अधिकारी, दिनांक 12/02/२००२ से | दिनेश दीक्षित , करारोपण अधिकारी, दिनांक 12/07/२०11 से | सूर्यदेव तिवारी , सहायक ग्रेड 03, दिनांक 20/03/2007 से | राजकुमार दीवान , कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा , दिनांक 18 /06/2018 से | अशोक साहू , कलस्टर समन्वयक स्वाभामिग्रा , दिनांक 10/02/२०१४ से | गौरीशंकर पैकरा , तकनीकी सहायक , मनरेगा , दिनांक 21/11/2011 से | तेजेंद्र कुमार साहू, खंड समन्वयक पीएम आवास योजना ग्रामीण, दिनांक 12/03/2018 से | मीनू साहू , तकनीकी सहायक मनरेगा , दिनांक 08/09/२०१० से | त्रिलोकीनाथ सिन्हा , तकनीकी सहायक मनरेगा, दिनांक 13/06/२०१3 से | सैयदा शहनाज , लेखापाल , दिनांक 13/06/2013 से इसी तरह फुलेश्वरी ठाकुर , लेखापाल , दिनांक 12/09/2013 से पदस्थ हैं | तबादला नीति में यह प्रावधान है कि 3 वर्ष से अधिक समय से जमे कर्मचारियों का स्थानांतरण किया जाए, लेकिन इसका पालन नहीं किया जा रहा है | कर्मचारी अपनी जवाबदेही को दरकिनार कर अपनी मर्जी से काम कर रहें हैं | स्थानांतरण का डर न होने के कारण काम में घोर लापरवाही और शिथिलता आम बात है |
लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे रहने के कारण सरकारी अधिकारी और कर्मचारी न केवल निरंकुश हो रहे हैं, बल्कि अपनी मनमानी से विभागीय कार्यों को भी प्रभावित कर रहे हैं, । स्थानांतरण के आदेश के बाद भी कई कर्मचारी नए स्थान पर जॉइन नहीं करते हैं, कुछ मामलों में कलेक्टर के अधिकार कम हो गए हैं, और अब ट्रांसफर के लिए उच्च स्तर से मंजूरी की आवश्यकता होती है, इससे कलेक्टर जैसे वरिष्ठ अधिकारी भी लाचार महसूस कर रहे हैं। लंबे समय से एक जगह पदस्थ रहने से भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है और प्रभावशाली लोगों से गठजोड़ के कारण सामान्य जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है |

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