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हिजाब विवाद के बीच अब छत्तीसगढ़ के एक स्कूल के यूनिफॉर्म पर मचा बवाल, बना है ये सिंबल




Uniform Controversy: अभिभावकों का कहना कि सभी स्टूडेंट्स के स्कूल ड्रेस पर एक धर्म विशेष (Particular Religion) का सिंबल लगवा रहा स्कूल प्रबंधन, नर्सरी से 12वीं तक के छात्र-छात्राएं हैं अध्ययनरत, कलक्टर (Collector) ने जांच कर कार्रवाई करने की कही बात, एबीईओ को मिला जांच का जिम्मा


(News Credit by Patrika)

बैकुंठपुर : Uniform Controversy: देशभर में चल रहे हिजाब विवाद (Hijab Controversy) के बीच कोरिया जिले के आदिवासी ब्लॉक भरतपुर में संचालित एक प्राइवेट शिक्षण संस्थान में भी बवाल शुरु हो गया है। बवाल का कारण जनकपुर स्थित न्यू लाइफ इंग्लिश हाई स्कूल के यूनिफार्म में लगे या लगवाया जा रहा मोनो है। पालकों का आरोप है कि मोनो एक धर्म विशेष का प्रतीक है और स्कूल प्रबंधन (School Administration) ने उसे लगाना अनिवार्य कर दिया है। ऐसे में अलग-अलग धर्म के स्टूडेंट्स के पालकगण इसका विरोध कर रहे हैं। खास बात यह है कि इसी शिक्षण सत्र से यूनिफार्म बदला गया और यूनिफार्म में एक प्रतीक का मोनो लगाना जरूरी कर दिया गया है, जिसे एक धर्म विशेष (Particular Religion) का बताया जा रहा है। बवाल बचने के बाद कलक्टर व डीईओ ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। जांच का जिम्मा एबीईओ को दिया गया है। इसमें पालकों का बयान भी दर्ज किया जाएगा।

कोरिया जिले के भरतपुर ब्लॉक मुख्यालय में न्यू लाइफ इंग्लिश हाई स्कूल संचालित है। इस स्कूल में नर्सरी से 12वीं कक्षा तक के करीब 1000-1200 बच्चे अध्ययनरत हैंं। कोरोना संक्रमण के कारण कुछ महीने पहले स्कूल खोलने की अनुमति मिली थी। मामले में शिक्षण सत्र 2021-22 में यूनिफार्म को अचानक बदल दिया गया है।

 इसमें स्कूल प्रबंधन ने बकायदा मोनो बनवाया है, जिसे हर स्टूडेंट्स के यूनिफार्म में लगाना अनिवार्य है। मामले में न्यू लाइफ इंग्लिश हाई स्कूल के प्राचार्य डेनियल का कहना है कि यूनिफार्म (School Uniform) में लगा मोनो धर्म के प्रतीक का क्रॉस नहीं बल्कि मेडिकल सिंबल प्लस है। सबका देखने का नजरिया है। हमने अपने आसपास प्रकृति (Nature) से सिंबल को लिया है। पत्थर प्रकृति तथा मोमबत्ती रोशनी का सिंबल है।


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