पिथौरा क्षेत्र में एक सचिव के द्वारा दो-दो पंचायत में जमकर की गई गड़बड़ी, जाँच में पुष्टी होने के बाद भी अबतक नहीं हुई कार्यवाही
रूपानंद सोई 94242-43631
पिथौरा : गौरतलब है कि ग्राम लोहरीनडोंगरी निवासी ओमप्रकाश पटेल ने ग्राम पंचायत सागुनढाप एवं रिखादादर में किए गए भ्रष्टाचार की शिकायत दिनांक 25/११/2025 को कलेक्टर महासमुंद से की थी। इसकी जांच के लिए टीम गठित किया गया था। इसमें ग्राम पंचायत सागुनढाप हेतु जनपद पंचायत पिथौरा से सुशील चौधरी, दिनेश दीक्षित तथा ग्राम पंचायत रिखादादर हेतु जनपद पंचायत पिथौरा से सुशील चौधरी एवं जनपद पंचायत सरायपाली से लक्ष्मीचरण पटेल को जाँच अधिकारी नियुक्त किया था | उक्त जाँच अधिकारियों के द्वारा जांच कर दिनांक 4/07/2026 को ग्राम पंचायत सागुनढाप का एवं 11/07/2026 को ग्राम पंचायत रिखादादर का जनपद सीईओ पिथौरा को जाँच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया है । इसमें सागुनढाप पंचायत में 55 हजार 2 सौ 50 रूपये एवं रिखादादर पंचायत में 4 लाख 13 हजार 3 सौ 52 रुपए अनियमितता पाई गई है ।
सागुनढाप पंचायत के संबंध में दिनांक 04/07/2026 को प्रस्तुत जाँच प्रतिवेदन में बताया गया है कि सचिव सुभाषचन्द्र साहू एवं पूर्व सरपंच श्रीमती संजुक्ता भोई के द्वारा पंचायतीराज नियमों का पालन न कर गड़बड़ी किया गया है जिसकी जाँच में 55२५०.00 रूपये का अनियमितता पाया गया है |
इसी तरह रिखादादर पंचायत के संबंध में दिनांक 11/07/2026 को प्रस्तुत जाँच प्रतिवेदन में बताया गया है कि सचिव सुभाषचन्द्र साहू एवं पूर्व सरपंच लोकेश प्रधान के द्वारा पंचायतीराज नियमों का पालन न कर गड़बड़ी किया गया है जिसकी जाँच में ४१३३५२.00 रूपये का अनियमितता पाया गया है जो वसूली योग्य है |
आपको बतादें सुभाषचन्द्र साहू ग्राम पंचायत सागुनढाप एवं रिखादादर उक्त दोनों पंचायत में सचिव के पद पर पदस्थ है | उक्त दोनों पंचायत में सचिव सुभाषचन्द्र साहू के द्वारा जमकर गड़बड़ी की गई है | जाँच में प्रमाणित होने के बाद भी आजतक सचिव सुभाषचन्द्र साहू के खिलाफ विभाग द्वारा किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं की गई है |
इधर शिकायतकर्ता ओमप्रकाश पटेल ने बताया की उक्त मामले में जाँच अधिकारियों के द्वारा गोलमोल जाँच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया है उक्त जाँच से वो संतुष्ट नहीं है | जबकी निष्पक्ष एवं पारदर्शिता पूर्वक समुचित जाँच किये जाने पर भारी भ्रष्टाचार का उजागर होते देरी नहीं लगेगा | लेकिन जाँच अधिकारीयों के द्वारा जानबूझकर दोषियों को बचाने के आशय से जाँच में जमकर लीपापोती किया गया है | जाँच प्रतिवेदन में स्पष्ट उल्लेख है कि उक्त दोनों पंचायत में भंडारक्रय नियम का पालन नहीं किया गया है लेकिन कितने मूल्य का कौन -कौन से सामग्री क्रय करने हेतु भंडारक्रय नियम का उल्लंघन किया गया है उसका उल्लेख नहीं है | जबकी नियमानुसार भंडारक्रय नियम का पालन न कर क्रय किये गए सामग्री की राशि भी आर्थिक अनियमितता की श्रेणी में आता है | पुरे मामले में शिकायतकर्ता पुन: जाँच कराने की तैयारी में है |
Social Plugin