Ad Code

Mahasamund : कलेक्टर ने ली साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक, पराली जलाने की घटनाओं पर प्रशासन गंभीर, एसडीएम-तहसीलदारों को कार्रवाई के दिए निर्देश


कलेक्टर ने ली साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक 

पराली जलाने की घटनाओं पर प्रशासन गंभीर, एसडीएम-तहसीलदारों को कार्रवाई के दिए निर्देश

महासमुंद : शासन के निर्देशानुसार समय-सीमा की बैठक आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा की। बैठक में सभी एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायत सीईओ, सीएमओ सहित जिला स्तरीय अधिकारी वीसी के माध्यम से जुड़े रहे एवं जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार एवं अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा व रवि साहू सभाकक्ष में मौजूद थे।

बैठक में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने आधार आधारित उपस्थिति प्रणाली की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए गए कि जिन कार्यालयों में अभी तक आधार बेस्ड उपस्थिति लागू नहीं हुई है, वहां इसे अनिवार्य रूप से प्रारंभ किया जाए। सभी विभाग प्रमुखों को इसकी नियमित मॉनिटरिंग करने कहा गया। कलेक्टर ने कहा कि आगामी 01 जून से ई-फाइल प्रणाली अनिवार्य रूप से लागू की जाएगी। जिला अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी कार्यालयों में आवश्यक तैयारी समय रहते पूर्ण कर ली जाए, ताकि शासकीय कार्यों में पारदर्शिता एवं गति लाई जा सके।

कलेक्टर ने किसानों द्वारा पराली जलाने की घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि खेतों में पराली जलाने से आगजनी की बड़ी घटनाएं हो सकती हैं, जिससे जन-धन एवं पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। उन्होंने निर्देश दिए कि कोटवारों के माध्यम से गांवों में लगातार मुनादी कराई जाए तथा किसानों को जागरूक किया जाए। एसडीएम एवं तहसीलदारों को इस संबंध में कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। राजस्व अधिकारियों को स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई करने कहा गया। उन्होंने कहा कि यह नियम निरंतर प्रभाव से लागू रहेगा। सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों की विभागवार समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि अब तक 31 शिविरों में कुल 22 हजार 648 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 11 हजार 723 आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है। कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों को शेष लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश दिए।

बैठक में खाद दुकानों के भौतिक सत्यापन के निर्देश देते हुए कहा गया कि स्टॉक में गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित दुकानों को तत्काल सीज किया जाए। खाद विक्रय में किसी प्रकार की धांधली अथवा कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा इस संबंध में सतत कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि आगामी खरीफ सीजन में किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराया जाए तथा पीओएस मशीन के माध्यम से ही खाद वितरण सुनिश्चित किया जाए एवं खाद वितरण का कड़ाई से पालन करें। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के हितग्राहियों का एग्रीस्टैक में पंजीयन कराने के निर्देश भी दिए गए, ताकि किसानों को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके। कलेक्टर ने आगामी वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए आगामी तीन माह के लिए सभी राशन दुकानों में राशन भंडारण के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा जल संरक्षण के लिए मोर गांव मोर पानी अभियान 2.0 के तहत कलेक्टर ने अधिक से अधिक सोखता गड्ढे, डबरी, तालाब एवं अन्य जल संरचनाओं का निर्माण कराए जाने के निर्देश दिए है। साथ ही इस अभियान में जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया। सभी विभागों को समन्वय के साथ अभियान का क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए। जल संचयन भागीदारी में अभी तक 74 हजार संरचना का निर्माण हुआ है। कलेक्टर ने कहा कि किसानों को अपने खेत अथवा बाड़ियों में सोख्ता गड्ढा बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत वर्ष 2024, 2025 एवं 2026 के अप्रारंभ आवासों को तत्काल प्रारंभ कराने के निर्देश भी बैठक में दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि सभी योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।

इसी तरह कलेक्टर ने अधिकारियों को आंगनबाड़ी केंद्रों एवं छात्रावासों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। रेत के अवैध उत्खनन के लिए संयुक्त टीम को सतत निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिले में रेत का अवैध परिवहन और उत्खनन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कलेक्टर ने राजस्व विभाग अंतर्गत विवादित एवं अविवादित प्रकरणों तथा स्वामित्व योजना की प्रगति की समीक्षा की। साथ ही बैठक में मुख्यमंत्री घोषणाओं, जनशिकायत, कलेक्टर जनदर्शन, पीजी पोर्टल एवं लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत प्रकरणों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

Ad code

ad inner footer ad inner footer

Ad Code

Responsive Advertisement