अब आपमन बतावव के इस्कूल म लइकामन के पढ़ई-लिखई ह छत्तीसगढ़ी म होय बर चाही के नइ?
अपन महतारी के भासा छत्तीसगढ़ी म सरकारी कामकाज घलो होय बर चाही के नइ?
नेता, मंतरीमन ल भासन छत्तीसगढ़ी म देय बर चाही के नइ?
साहबमन ल चिट्ठी-पतरी छत्तीसगढ़ी म लिखे बर चाही के नइ?
(News Credit by Patrika)
Raipur : पता नइ हमर देस म कतकाझन मनखे हें, जउनमन खाथें तो हिंदी के हें, फेर गाथें-बजाथें अंगरेजी के। अइसने हाल हमर छत्तीसगढ़ अउ छत्तीसगढ़ी भासा के हावय। कहाथें तो छत्तीसगढिय़ा, फेर छत्तीसगढ़ी भासा म बोले-बतियाय म वोमन ल सरम आथे। छत्तीसगढिय़ामन के खाय-पीये अउ पहनई-ओढ़ई ल घलो हीने बर धर लेहें। पढ़ई-लिखई के बारे म तो मतेच पूछव। सरकारी अधिकारी-करमचारी समेत कतकोन मनखेमन तो छत्तीसगढ़ी के नाव सुन के नाक-मुंह बिचकाथें।
फेर, ठेठ छत्तीसगढिय़ा परवार के थोकिन पढ़े-लिखे लइका होवय, के नउकरी-चाकरी करइया, के सहर म रहइया होवय, के नेतागिरी करइया, ऐमन घलो छत्तीसगढ़ी म बोले-बतियाय म लजाथें। अपनेच छत्तीसगढिय़ा संगवारी, जात-बिरादरी, चिन-पहिचान के लोगनमन तीर हिंदी झाड़हीं, नइ तो अंगरेजी म गिटीर-पिटीर करथें। भासा ह तो दाई (महतारी) होथे। फेर वोहा अंगरेजी होवय, हिंदी होवय या फेर छत्तीसगढ़ी। फेर, अपन दाई ल नौकरानी बनाके दूसर के दाई ल मुंड़ म बइठाके किंरजई ह कइसे बने हो सकत हे?
अब आपमन बतावव के इस्कूल म लइकामन के पढ़ई-लिखई ह छत्तीसगढ़ी म होय बर चाही के नइ? अपन महतारी के भासा छत्तीसगढ़ी म सरकारी कामकाज घलो होय बर चाही के नइ? नेता, मंतरीमन ल भासन छत्तीसगढ़ी म देय बर चाही के नइ? साहबमन ल चिट्ठी-पतरी छत्तीसगढ़ी म लिखे बर चाही के नइ? लोगनमन ल सबो जगा छत्तीसगढ़ी म गोठियाय बर चाही के नइ? फेर, दु:ख के बात आय के छत्तीसगढ़ी ल सरकार ह राजभासा बना दिस, फेर छत्तीसगढ़ी माध्यम म पहली से पांचवी तक के लइकामन के पढ़ई-लिखई के बेवस्था नइ करत हे।
छत्तीसगढिय़ामन ल ये सोचे बर चाही के जब दूसर परदेस के सरकारमन अपन भासा म काम-काज करत हें, इस्कूल म पढ़ई-लिखई होवत हे, त हमर परदेस म अइसन काबर नइ होवत हे?
हद तो ये हावय के कतकोन छत्तीसगढिय़ामन खुदे अपन लइकामन संग छत्तीसगढ़ी म नइ गोठियावंय। आज कथनी अउ करनी म अकास-पताल कस अंतर हो गे हे। अइसन म छत्तीसगढ़ म छत्तीसगढ़ी के का होही, तेकर बारे म सोचे बर परही। जेमन छत्तीसगढ़ी के उत्थान, बिकास बर वोला इस्कूल म पढ़ाय-लिखाय के गोठ करहीं, तेमन ल नासमझ, पिछड़े अउ अगियानी समझे जा सकत हे। अपन सुवारथ बर छत्तीसगढिय़ा अउ छत्तीसगढ़ी ल कोनटा म तिरिया सकत हें। छत्तीसगढ़ म छत्तीसगढ़ी के पिछवर्ई, वोकर होवत दुरगति ल देख-सुन के अउ का-कहिबे।
Social Plugin