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Chhattisgarh : किसानों को खाद की किल्लत, बाजार में बढ़े खाद के दाम

 


छत्तीसगढ़ में पानी की उपलब्धता बेहतर होने के कारण किसान सालाना दो फसल लेते हैं. पर अभी छत्तीसगढ़ में खाद की किल्लत हो गई है.


Fertilizers Shortage in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में खरीफ फसल के बाद रबी फसल में भी खाद की किल्लत किसानों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है. सरकारी सोसायटियों में किसानों (Farmers) को खाद (Fertilizers) नहीं मिल रहा है. बाजार में यूरिया और डीएपी के दाम आसमान छू रहे हैं. इस समस्या के बीच कांग्रेस और बीजेपी आमने सामने आ गए हैं.

दरअसल, छत्तीसगढ़ में पानी की उपलब्धता बेहतर होने के कारण किसान सालाना दो फसल लेते हैं. खरीफ में प्रमुख रूप से धान की खेती जाति है इसके लावा रबी में भी किसान धान की खेती करते है और जिन इलाकों में पानी की कमी है वहां दलहन तिलहन की फसल ली जाती है. फिलहाल छत्तीसगढ़ के किसानों की रबी की फसल बिना रसायनिक खाद के बर्बाद होने के कगार पर है. सरकारी सोसायटियों में खाद नहीं मिल रहे है. बाजारों में मिल रहे है तो दाम बढ़ा दिया गया है. 

खाद की कमी के बाद परेशान किसान

बाजार में यूरिया और डीएपी के दाम बढ़े

किसान जुगनू चंद्राकर ने बताया कि, 266 रुपए बोरी में मिलने वाला यूरिया अब 600से 700 रुपए में मिल रहा है. इसी तरह डीएपी 1200 रुपए बोरी में मिलता था लेकिन अब 1400से 1600 रुपए में मिल रहा है. इस लिए सरकार से हम मांग करते है की जल्द से जल्द सरकारी सोसायटी या अन्य किसी संस्थान से सही दाम में खाद उपलब्ध कराएं.

सरकार के संरक्षण में खाद की कालाबाजारी

खाद की किल्लत पर नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि,प्रदेश के किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है और प्रदेश सरकार के संरक्षण में प्रदेश में डीएपी एवं यूरिया खाद की कालाबाजारी तेजी से हो रही है. खड़ी फसल में किसानों के लिए खाद की उचित आपूर्ति नहीं कर पाने के बाद अब रबी फसल में भी किसानों को खाद की कमी की वजह से जूझना पड़ रहा है इसके लिए प्रदेश सरकार की नीति जिम्मेदार है.

कांग्रेस का केंद्र सरकार पर आरोप राज्य के खाद कोटे में कटौती
इधर, पीपीसी चीफ मोहन मरकाम ने केंद्र सरकार पर खाद का के कोटे में कटौती करने का आरोप लगाया है. मोहन मरकाम ने किसानों को मोदी निर्मित आप्राकृतिक आपदाओं से जूझना पड़ रहा है. छत्तीसगढ़ में खरीफ फसल लगाने के समय किसानों के लिये 11.75 लाख मीट्रिक टन खाद की मांग की गयी थी, जिसमें कटौती कर 5.75 लाख मीट्रिक खाद की आपूर्ति की गयी थी. अब रबी फसल में राज्य सरकार ने केन्द सरकार से 7.50 लाख टन खाद की मांगी की थी, जिसमें कटौती कर 4.11 लाख टन खाद देने की सहमति दी गयी और मात्र 3.20 लाख टन की आपूर्ति की गयी.

(News Credit by abp news)

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