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Chhattisgarh: महिला आईपीएस ने खरीददार बनकर रैकेट का किया पर्दाफाश, वन्यजीवों के अवशेषों के साथ आरोपी गिरफ्तार

 


छत्तीसगढ़ के जगदलपुर शहर में वन्यजीवों के अवशेषों की तस्करी करने वाले पांच आरोपियों को संयुक्त अभियान के तहत गिरफ्तार किया गया है. इसमें मध्य प्रदेश की महिला आईपीएस की अहम भूमिका रही है.

छत्तीसगढ़ के जगदलपुर (Jagdalpur) शहर में वन्यजीवों के अवशेषों की तस्करी करने वाले 5 आरोपी को वन विभाग (Forest Department) की टीम ने धर दबोचा है और इनके पास से बड़ी मात्रा में पैंगोलिन (pangolin) की छाल, तेंदुए के नाखून और चार स्टार कछुए बरामद किए हैं. इस गिरोह का पर्दाफाश करने के लिए खुद मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के जबलपुर (Jabalpur) में तैनात महिला आईपीएस अधिकारी तिलोत्तमा वर्मा (Tilotama Varma) बस्तर(Bastar) में अपनी पहचान छुपा कर रह रही थीं. लगभग 1 महीने तक कड़ी मशक्कत करने के बाद वन्यजीवों की तस्करी करने वाले इन 5 आरोपियों को धर दबोचा गया.

बताया जा रहा है कि इन तस्करों का भंडाफोड़ करने के लिए खुद महिला आईपीएस अधिकारी तिलोत्तमा वर्मा अंडर कवर करके एक खरीददार बनकर ऐसे लोगों से संपर्क में जुड़ी जो वन्यजीवों की तस्करी और इनकी खरीद-फरोख्त में अंतरराष्ट्रीय स्तर तक का रैकेट का संचालन करते हैं और यह रैकेट इंटरनेशनल मार्केट में डिमांड किए जाने वाले दुर्लभ वन्यजीवों की तस्करी करता है.

महिला आईपीएस अधिकारी, बस्तर वन विभाग के सीसीएफ मोहम्मद शाहिद, CCF इंद्रावती टाइगर रिजर्व, डीएफओ स्टायलो मंडावी, एसपी बस्तर जितेंद्र सिंह मीणा और वन विभाग के अधिकारियों ने आखिरकार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और इनके पास से वन्यजीवों के खाल और नाखून  बरामद किए.

टीम ने ऐसे बिछाया जाल 

बस्तर वन विभाग की अधिकारी स्टायलो मंडावी ने बताया कि इन तस्करों को पकड़ने के लिए पिछले 1 महीने से वन विभाग की टीम लगी हुई थी. जबलपुर में पदस्थ महिला आईपीएस अधिकारी तिलोत्तमा वर्मा अपनी पहचान बदलकर बस्तर में रह रही थी.

विभाग के अधिकारियों को सूचना मिली थी कि बीते 11 फरवरी को कुछ व्यक्ति वन्यजीवों के अवशेषों को जगदलपुर में बेचने के फिराक में है. सूचना मिलने के बाद तिलोत्तमा वर्मा आईपीएस व अतिरिक्त निदेशक वन्य प्राणी अपराध नियंत्रण ब्यूरो, सीसीएफ मोहम्मद शाहिद और इंद्रावती टाइगर रिजर्व के CCF अभय श्रीवास्तव के निर्देश पर WCCB मध्य प्रदेश जबलपुर और जगदलपुर वन विभाग के टीम के साथ ही बस्तर पुलिस की संयुक्त टीम मुखबिर द्वारा बताए गए स्थान के लिए रवाना हुई.

जगदलपुर शहर के गांधी मैदान के नजदीक तस्करों को एक मोटरसाइकिल पर सवार देखा गया, जिनके पास एक प्लास्टिक बैग में कुछ सामान दिखा और उन्हें रोका गया, लेकिन तस्कर इसका विरोध करने लगे और भागने की फिराक में थे, तभी टीम द्वारा घेराबंदी कर दोनों ही आरोपी को पकड़ लिया गया, प्लास्टिक बैग में चेकिंग के दौरान टीम को 12 किलो पैंगोलिन का छाल  मिला.

अधिकारी ने बताया कि इस पूरी कार्रवाई में वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया और कंजर्वेशन सोसायटी की महत्वपूर्ण भूमिका रही. इधर दोनों ही तस्करों को गिरफ्तार करने के बाद जगदलपुर वन विभाग के कार्यालय में लाया गया और उनसे पूछताछ की गई.  

पूछताछ के दौरान अलग -अलग तस्करों के बारे में और भी जानकारी मिली, इन दोनों आरोपियों से मिली सूचना के आधार पर टीम ने बीते 11 और 12 फरवरी को लगातार छापेमारी की, जिसमें दूसरी छापेमारी में 6 किलो पेंगोलिन के छाल, तीसरी कार्रवाई में लगभग 6 किलो 200 ग्राम तेंदुए के नाखून और चौथी छापेमारी में दंतेवाड़ा में तस्करों के पास से 4 स्टार कछुए बरामद किए गए. वन अधिकारी ने बताया कि इस तस्करी के मामले में विभाग की टीम ने कुल 5 लोगों को गिरफ्तार किया.  

आरोपियों से पूछताछ जारी 
वन अधिकारी स्टायलो मंडावी ने बताया कि अभी आगे की कार्रवाई जारी है. विभाग लगातार वन्यजीवों के तस्करी से जुड़े लोगों की खोजबीन कर रही है और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ भी की जा रही है.

अधिकारी ने बताया कि इस पूरे कार्रवाई में महिला आईपीएस अधिकारी अतिरिक्त निर्देशक वन्य प्राणी अपराध नियंत्रण ब्यूरो तिलोत्तमा वर्मा की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्होंने तस्करों को पकड़ने के लिए पूरी तरह से जाल बिछाया और आखिरकार पांच आरोपियों को टीम ने गिरफ्तार किया, वन अधिकारी ने बताया कि तस्करों के पास से कुल 18 किलो पैंगोलिन का छाल, 6 किलो 200 ग्राम तेंदुए के नाखून और चार स्टार कछुए बरामद किए हैं.

(News Credit by abp news)


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