रामनाथ गोएनका से लेकर गणेश शंकर विद्यार्थी सम्मान पाने वाले वरिष्ठ पत्रकार कमाल ख़ान का लखनऊ में शुक्रवार सुबह हार्ट अटैक से निधन हो गया.
टीवी न्यूज़ की दुनिया में एक लंबे अरसे से काम कर रहे कमाल ख़ान अपनी धारदार रिपोर्टिंग और बेहतरीन टीवी रिपोर्ट्स के लिए जाने जाते थे.
लगभग 22 वर्षों के अनुभव के साथ कमाल ख़ान पिछले काफ़ी समय से लखनऊ में रहते हुए एनडीटीवी के लिए रिपोर्टिंग कर रहे थे.
हाल ही में अयोध्या ज़मीन विवाद से लेकर उत्तर प्रदेश चुनाव से जुड़ी उनकी तमाम ख़बरें चर्चा का विषय बनी थीं.
अब से कुछ घंटे पहले कमाल ख़ान की एक वीडियो रिपोर्ट एनडीटीवी पर प्रकाशित हुई है जिसमें वह उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रियों के इस्तीफ़े के राजनीतिक मायने बता रहे थे.
इस रिपोर्ट में उन्होंने बताया था कि बीजेपी छोड़ने वाले तमाम विधायकों में से तमाम लोग ऐसे हैं जिनके टिकट काटे जाने की ख़बरें आ रही थीं और इन ख़बरों के बीच ही उन्होंने पार्टी छोड़ने का फ़ैसला किया.
हालांकि, इनमें स्वामी प्रसाद मौर्य जैसे नेताओं के नाम शामिल नहीं थे.
क्या बोले एनडीटीवी के रवीश कुमार
एनडीटीवी के वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार ने कहा है कि वह कमाल ख़ान के निधन की ख़बर सुनकर सदमे में हैं.
उन्होंने कहा, "न सिर्फ उनके सहयोगियों बल्कि टीवी न्यूज़ के करोड़ों दर्शकों के लिए ये एक बहुत दुख़द और अफ़सोसनाक ख़बर है. हम सब के लिए यक़ीन करना मुश्किल हो रहा है कि कमाल ख़ान अब हमारे बीच में नहीं हैं. उनके बारे में बहुत बातें की जा सकती हैं लेकिन इस वक़्त ऐसा सदमा लगा है कि न कुछ याद आ रहा है, न कुछ समझ में आ रहा है कि उनके बारे में क्या कहा जाए.
हर किसी के पास एक अलग-अलग कमाल ख़ान हैं. उनकी रिपोर्टिंग की अपनी यादें हैं.''
कमाल ख़ान को उनके बेहतरीन काम के लिए भारत के राष्ट्रपति द्वारा गणेश शंकर विद्यार्थी सम्मान और रामनाथ गोएनका अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था.
(Credit by BBC NEWS)
Social Plugin