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आर्थिक अनियमितता के आरोपी को दी पदोन्नति!

 




कौशल विकास विभाग का मामला, राज्यपाल से प्रमोशन रोकने की मांग

आरटीआई कार्यकर्ता अब्दुल वाहीद ने की पदोन्नति रोकने की राज्यपाल से शिकायत

कौशल विकास विभाग में दागदार अधिकारियों की पदोन्नति का कारनामा

प्रमुख सचिव और बड़े अधिकारियों की मिली भगत से भ्रष्टों को मिल रहा संरक्षण 

इस विभाग में सालों से चल रहा भ्रष्ट लोगों की नियुक्ति और पदोन्नति का खेल

निमोरा में तो हद पार कर दी, फर्जी क्म्प्यूटर ऑपरेटर को बना दिया संचालक

रायपुर: महानदी भवन और इंद्रावती भवन में प्रमुख सचिव और अधिकारियों की मिली भगत से भ्रष्टाचार की गंगा बह रही है जिसे समय पर रोका जाना जरुरी है नहीं तो एक दिन पूरे छत्तीसगढ़ को बहा ले जाएगी। आरटीआई एक्टीविस्ट अब्दुल वाहीद ने राज्यपाल से आरोपित व्यक्तियों को दिए जाने वाले पदोन्नति की शिकायत करते हुए तत्काल रोकने की की मांग की है। 

ताजा मामला छत्तीसगढ़ शासन के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग मंत्रालय महानदी भवन नया रायपुर अटल नगर का है जहां पदोन्नति की सारी हदें पार कर दी गई है।

अटल नगर से जारी 29 लोगों की पदोन्नति आदेश जारी की गई है। जिसमें आपको अवगत कारना बहुत जरूरी है कि नंदलाल धूमकेती आईटीआई सहसपुर लोहोरा जिला कबीरधाम को पदोन्नत किया गया है। महालेखाकार के व्दारा नंदलाल धूमकेती के विरूद्ध दिनांक 10 मार्च 2017 की कापी संलग्न को लेखा परीक्षा निरीक्षण प्रतिवेदन के अनुसार उनके विरूद्ध अनियमितताएं पाए जाने पर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया है।

इसके पहले भी निमोरा में एक कम्प्यूटर आपरेटर को संचालक बना दिया है। इस तरह कौशल विभाग में भ्रष्टाचार ने अंदर तक पैठ बना ली है। सरकार की प्रतिष्ठा के विपरीत अधिकारी लगातार काम कर रहे है। जिसके कारण बिना पढ़े लिखे फर्जी सर्टिफिकेट के साथ भोपाल से आकर यहां नौकरी कर रहे है।

कार्यालय अधीक्षक सासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान कवर्धा के लेखाओं का 5/2005 प्रारंभ से 12/2006 तक की अवधि का नमूना लेखा परीक्षा कार्यालय महालेखागार छत्तीसगढ रायपुर के एक स्थानीय लेखा परीक्षादल व्दारा 1-2-2017 से 6-2-2017 तक की गई । यह इस कार्यालय की प्रथम लेखा परीक्षा थी।

वर्तमान लेखा परीक्षा आवृत्त में निम्न अधिकारियो के उनके सम्मुख दशाई गई अवधि में कार्यालय प्रमुख एवं आहरण व संवितरण अधिकारी के पद पर कार्ररत एनएल धूमकेती है।

छग कोष संहिता भाग-1 क नियम 2091 के अनुसार कार्यालय प्रमुख व्दारा अभिलेकों का मासिक निरीक्षण एनं नियम 29 के अधीन प्रतिवेदन नियंत्रण अधिकारी को भेजा जाना पाया गया।

कंडिका 01 आईएमसी खाते से राशि का अनियमित आहरण एवं भुगतान राशि 9.83 लाख आईएमसी नियमावली पुस्तिका के पृष्ठ 89 बिंदु क्रमांक 6 में इंस्टीट्यूट मैनेजमेंट कमेटी के खाते से आहरण हेतु चेको पर हस्ताक्षर के लिए निम्म प्रावधान है। जिसमें संबंधित सदस्य सचिव, तथा अध्यक्ष व्दारा नामित एक उद्योग सदस्य व्दारा 15 हजार तक, सदस्य सचिव तथा अध्यक्ष व्दारा 15 हजार से अधिक राशि के चेक जारी कर सकते है।

मजेदार बात यह है कि कवर्धा कार्यालय अधीक्षक सह सचिव शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था कवर्धा से संबंधित अभिलेखों का नमूना जांच में पाया गया कि प्रमोद गुप्ता सोसाइटी पंजीकरण के समय उद्योग सदस्य नहीं थे, आईएमसी की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार प्रमोद गुप्ता को कार निर्माण हेतु सलाहकार के रूप में पारिश्रमिक भुगतान हेतु स्वीकृत प्रदान की। 29 मार्च 2016 की बैठक में उन्हें उद्योयोग सदस्य बताया गया । 13 अप्रैल की बैठक में उन्हें कार सलाहकार दर्शाया गया। परंतु प्रमोद गुप्ता का नाम समिति के सदस्य् के रूप में सम्मिलित करने के लिए शासन की अनुमति प्राप्त नहीं की गई थी।

अत: स्पष्ट है कि कूटरचना कर भ्रष्टाचार किया गया। वे उद्योग सदस्य नहीं थे, समिति व्दारा पंजाब नेशनल बैंक को प्रेषित पत्र 6 सितंबर 16 के अनुसार प्रमोद गुप्ता समिति सदस्य को सामग्री क्रय करने 15 हजार के लिए चेक जारी करने के लिए अधिकार दिया गया था, चूंकि गुप्ता वैधानिक सदस्य नहीं थे, अत: उन्हें समिति के चेक हस्ताक्षर करने के लिए प्राधिकार देना नियमावली के विरूद्ध था।

ये नंदलाल धूमकेती के कार्यकाल में हुए, जिसके कारण विभागीय आर्थिक अनियमितता का मामला नंदलाल के खिलाफ चल रहा है। जो साफ तौर पर भ्रष्टाचार में सहभागी रहा है। उसके खिलाफ चल रहे प्रतिवेदनों पर जांच चल रहे है अत: राज्यपाल इस पदोन्नति को तुरंत निरस्त करने के आदेश जारी करके विभागीय अधिकारियों के आंख में चढ़ा हरियाली का चश्मा हटाए।

(News Credit by Janta se rishta)


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