प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर की आश्रम शालाओं तथा प्री-मैट्रिक छात्रावासों में प्रवेश की अंतिम तिथि 30 जून
पोस्ट-मैट्रिक छात्रावासों के लिए प्रवेश की अंतिम तिथि 10 जुलाई
महासमुंद : आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा संचालित जिले के छात्रावासों एवं आश्रम शालाओं में शैक्षणिक सत्र 2026-27 हेतु प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ किया गया है। जिले के ग्रामीण, अभावग्रस्त एवं पलायन प्रभावित परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षित आवास तथा बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह व्यवस्था की गई है।
सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग श्रीमती शिल्पा साय ने बताया कि जिले में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए कुल 115 छात्रावास एवं आश्रम संचालित हैं। इनमें 24 आश्रम शालाएं, 78 प्री-मैट्रिक छात्रावास तथा 13 पोस्ट-मैट्रिक छात्रावास शामिल हैं।प्रवेश हेतु निर्धारित समय-सारणी के अनुसार प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर की आश्रम शालाओं तथा प्री-मैट्रिक छात्रावासों में प्रवेश की अंतिम तिथि 30 जून 2026 तथा पोस्ट-मैट्रिक छात्रावासों के लिए 10 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। इन संस्थाओं में विद्यार्थियों को निःशुल्क आवास, भोजन, पौष्टिक नाश्ता, अध्ययन सामग्री, गणवेश, ट्रैक सूट, जूते-मोजे सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। साथ ही स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय एवं नियमित स्वास्थ्य परीक्षण जैसी सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं।
उन्होंने बताया कि छात्रावासों एवं आश्रम शालाओं में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अनुकूल शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाता है। यहां विद्यार्थियों को एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय, प्रयास आवासीय विद्यालय तथा मुख्यमंत्री उत्कर्ष योजना जैसी प्रतियोगी एवं प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी हेतु मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाता है। विभाग द्वारा विशेष पिछड़ी जनजाति तथा पलायन प्रभावित परिवारों के बच्चों को प्रवेश में प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि उनकी शिक्षा निरंतर बनी रहे और वे शैक्षणिक अवसरों से वंचित न हो।
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