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Mahasamund : सांकरा जोंक नदी पुराने पुल में सड़क दुर्घटना के बाद लापता बाइक सवार का शव पांचवें दिन बरामद


सांकरा जोंक नदी पुराने पुल में सड़क दुर्घटना के बाद लापता बाइक सवार का शव पांचवें दिन बरामद

महासमुंद : जिला अंतर्गत सांकरा के जोंक नदी पुराने पुल में पांच दिन पहले हुए भीषण सड़क हादसे के बाद लापता बाइक सवार भागीरथी साहू का शव गुरुवार को बरामद कर लिया गया। भागीरथी साहू बारनवापारा क्षेत्र के ग्राम गबौद  निवासी थे। उनका शव चांदन सूखरी नदी में झाड़ियों के बीच फंसा हुआ मिला। शव मिलने के बाद पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। दरअसल, पांच दिन पहले सांकरा थाना क्षेत्र में जोंक  नदी के पुराने पुल पर कार और मोटरसाइकिल के बीच जबरदस्त टक्कर हो गई थी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहन पुल से नीचे नदी में जा गिरे। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई थी। स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया।

दुर्घटना में कार में सवार शिक्षक  की मौके पर मौत 
दुर्घटना के समय कार में कुल चार लोग सवार थे। दुर्घटना में दुधीपाली निवासी राजकुमार निषाद की मौके पर ही मौत हो गई थी। राजकुमार निषाद सरकारी स्कूल में शिक्षक थे |  वहीं कार में सवार अन्य तीन लोगों को स्थानीय लोगों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया। साथ में  क्रेन की मदद से कार को भी बाहार निकाल लिया गया | दूसरी ओर, मोटरसाइकिल सवार भागीरथी साहू का हादसे के बाद से कोई पता नहीं चल पा रहा था।
 
भागीरथी साहू के खोजबीन तेज करने के लिए ग्रामीणों की बैठक 
भागीरथी साहू की  खोजबीन तेज करने के लिए साहू समाज ने शासन से की मांग   

NDRF और SDRF ने की खोजबीन 
पुलिस और बचाव दल की तलाश जारी था । चार दिन तक भागीरथी साहू का कहीं पता नहीं चलने पर ग्राम गबौद  के ग्रामीण एवं परिजनों ने भागीरथी साहू की खोजबीन तेज नहीं करने पर चिंतित थे  | NDRF, SDRF ने खोजबीन तेज की , टीमों ने नदी के बहाव और आसपास मौजूद झाड़ियों में भी तलाश की। पांच दिनों तक लगातार चले सर्च ऑपरेशन के बाद गुरुवार को आखिरकार टीम को सफलता मिली। बलौदाबाजार जिले के चांदन सूखरी नदी में झाड़ियों के बीच भागीरथी साहू का शव फंसा हुआ मिला। शव बरामद होने की सूचना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की।

आखिरकार पांच दिन बाद भागीरथी साहू का मिला शव , खत्म हुई तलाश 
भागीरथी साहू के दुर्घटना के बाद से ही उनके परिजन, ग्रामीण और स्थानीय लोग उनकी तलाश को लेकर चिंतित थे। पांच दिनों तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद शव मिलने से उनकी तलाश तो खत्म हो गई, लेकिन हादसे ने इलाके में एक बार फिर सड़क सुरक्षा और नदी के पुराने पुल की स्थिति को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब दुर्घटना की जांच कर रही है। 

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