Ad Code

बिजली कंपनी ने संविदा में रखा 4800 युवकों को, अब यही करेंगे मीटर रीडिंग

शहरी क्षेत्रों में एक मीटर रीडर को महीने में 1500 उपभोक्ताओं की मीटर रीडिंग और बिलिंग का काम करना होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में 1200 और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में इसकी अधिकतम सीमा 1000 उपभोक्ता की होगी। मीटर रीडर को शहरी क्षेत्रों में प्रतिदिन 100 से 120, ग्रामीण क्षेत्रों में 80 से 90 और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 70 से 80 उपभोक्ता के मीटर की रीडिंग कर रहे है।

रायपुर : बिजली मीटर की रीडिंग समय पर हो और किसी तरह की मनमानी ना हो, इसलिए बिजली कंपनी के अधिकारियों ने ठेकेदारी प्रथा को बंद करके 4800 युवकों की भर्ती की है। ये युवक प्रदेश भर में मीटरों की रीडिंग कर रहे हैं और उपभोक्ताओं को सुविधा देकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं।


1500 उपभोक्ताओं की जिम्मेदारी एक रीडर के पास

शहरी क्षेत्रों में एक मीटर रीडर को महीने में 1500 उपभोक्ताओं की मीटर रीडिंग और बिलिंग का काम करना होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में 1200 और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में इसकी अधिकतम सीमा 1000 उपभोक्ता की होगी। मीटर रीडर को शहरी क्षेत्रों में प्रतिदिन 100 से 120, ग्रामीण क्षेत्रों में 80 से 90 और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 70 से 80 उपभोक्ता के मीटर की रीडिंग कर रहे है।

गलती पर वसूल रहे जुर्माना

रीडरों की गलती पाए जाने पर बिजली कंपनी के अधिकारी जुर्माना भी वसूल रहे है। समय पर बिलिंग पूरा नहीं करने पर 100 रुपया प्रतिदिन का जुर्माना लिया जा रहा है। इसी तरह से गलत रीडिंग अथवा बिलिंग पर 5 रुपए प्रति उपभोक्ता का जुर्माना लिया जा रहा है। अंडर रीडिंग अथवा ओवररीडिंग करने पर 400 रुपए प्रति उपभोक्ता का जुर्माना रीडर पर लगेगा। बार-बार गलतियां होने पर 15 दिन का नोटिस दिया जाएगा। मामले में बिजली कंपनी के एमडी हर्ष गौतम ने बताया कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार मिले और व्यवस्था पटरी पर आए, इसलिए ठेकेदारी प्रथा को बंद करके युवकों को चयनित किया गया है। प्रदेश भर में 4 हजार 800 युवक काम कर रहे है। इसका रिस्पांस अच्छा मिल रहा है और व्यवस्थाओं में सुधार हो रहा है।

(News Credit by Patrika)


Ad code

ad inner footer ad inner footer

Ad Code

Responsive Advertisement