स्किल डेवलमेंट के लिए कई प्रकार के ट्रेनिंग सेंटर संचालित किए जाते हैं. इन ट्रेनिंग सेंटर में लोगों को हुनरबाज बनाकर उन्हें रोजगार के काबिल बनाया जाता है. लेकिन छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक ऐसा ट्रेनिंग सेंटर भी चलाया जा रहा था, जिसमें बच्चों को चोरी करने के तरीके सिखाए जा रहे थे. 2 बहनों द्वारा संचालित इस ट्रेनिंग सेंटर में बच्चों को चोरी के लिए रेकी करने से चोरी करने व उसके बाद माल ठिकाने लगाने के टिप्स दिए जाते थे. इतना ही नहीं ट्रेनिंग के बाद बच्चों का डेमो भी कराया जाता था.
दुर्ग. छत्तीसगढ़ की दुर्ग पुलिस ने एक बड़े चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है. गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है. गिरोह का संचालन 2 बहनें करती थीं. दोनों बहनों का फोकस नाबालिगों को गिरोह का सदस्य बनाने पर होता था. नाबालिगों को चोर बनाने के लिए बकायदा उनके द्वारा फिल्म दिखाकर ट्रेनिंग दी जाती थी. इसमें चोरी के तरीके, रेकी करना, माल पार करना और उसे ठिकाने लगाने के टिप्स दिए जाते थे. दोनों बहनें गैंग के सदस्यों को चोरी पर आधारित फिल्म व वीडियो दिखाकर उन्हें ट्रेनिंग देती थीं. इसके बाद सुने मकानों को निशाना बनाकर वहां चोरी की वारदात को अंजाम दिलवाया जाता था.
दुर्ग एसएसपी बीएन मीणा ने बताया कि भिलाई में महिलाओं द्वारा गैंग बनाकर बडे़ ही शातिराना अंदाज में चोरी कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है. इस मामले में पुलिस ने गिरोह के 7 सदस्यों को गिरफतार किया गया है, जिसमें 3 नाबालिग शामिल हैं. गिरोह की महिलाएं पहले बच्चो को प्रशिक्षण देती थीं. फिर उसके बाद अलग अलग जगहों पर चोरी की वाददात को अंजाम दिया जाता था. गिरोह की एक महिला फरार है. जबकि दूसरी एन इमला को पुलिस ने गिरफतार किया है. दोनों बहन हैं. गिरोह के सददस्यों द्वारा बच्चों के माध्यम से पहले सूने घरों की रेकी करवाई जाती थी. उउसके बाद चोरी की वारदात को उचित समय देखकर अंजाम दिया जाता था.
फिल्मी स्टाइल में होती थी चोरी
चोरी करते समय सभी सदस्य फिल्मी स्टाइल में अलग अलग रोल अदा करते थे. कोई चोरी करता था, कोई सामान ठिकाने लगाता था और कोई आसपास के क्षेत्रों मे नजर रखता था. अपचारी छोटी से छोटी जगहों में से सूने घर के अंदर प्रवेश कर जाते थे, जो कीमति सामानों पर से हाथ साफ कर महिलाओं को सौंप कर इलाके में ही मौजूद रहते थे. चोरी से आने वाले पैसों को ये सभी बांटकर अपने शौक को पूरा किया करते थे. एसएसपी मीणा ने ताया कि इनके चोरी का स्टाइल ऐसा था कि पुलिस को कोई क्लू नहीं मिल रहा था. पुलिस ने खास एहतियात बरतते हुए पूरी जानकारी जुटाई, जिसके बाद इस गिरोह का पर्दाफाश हो सका. पुलिस ने आरोपियों के पास से सोने चांदी के जेवर, बर्तन, एलईडी टीवी, घड़ी सहित अन्य सामान जब्त किए हैं, जिनकी कीमत करीब 2 लाख 21 हजार आंकी गई है.
(News Credit by News18)
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