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मिशन 2023 की तैयारी: सत्ता बरकरार रखने रेड बूथों को ग्रीन में बदलने जुटी कांग्रेस

 


छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी ने दोबारा सरकार बनाने के लिए अभी से अपना होमवर्क कर उस पर काम शुरू कर दिया है। कांग्रेस का पूरा फोकस बूथ मैंनेजमेंट पर है।

रायपुर. छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी ने दोबारा सरकार बनाने के लिए अभी से अपना होमवर्क कर उस पर काम शुरू कर दिया है। कांग्रेस का पूरा फोकस बूथ मैंनेजमेंट पर है। प्रदेश की 90 विधानसभा सीट के 23 हजार 737 बूथों का अध्ययन करने के बाद कांग्रेस ने उसे रेड, यलो और ग्रीन की श्रेणी में बांट दिया है। संगठन का लक्ष्य है कि वर्ष 2023 में रेड बूथों को ग्रीन में बदलकर अपनी सत्ता बरकरार रखी जाए। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम ने इस रणनीति का खुलासा एआईसीसी के द्वारा कांग्रेस के प्रदेश प्रभारियों और प्रदेश अध्यक्षों की वर्चुअल बैठक में किया। यह बैठक एआइसीसी से महासचिव के.वेणुगोपाल व मुकुल वासनिक ने ली। बैठक में छत्तीसगढ़ के प्रभारी पीएल पुनिया भी शामिल हुए।

बूथ कमेटी गठन के लिए 30 तक का समय
बताया जाता है कि प्रदेश में 12 से 17 फीसदी तक बूथ कमेटी के गठन का काम होना बाकी है। इसके लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। यही स्थिति लगभग अन्य राज्यों की भी है। इसे देखते हुए एआईसीसी ने बूथ कमेटियों के गठन के लिए 30 जनवरी तक का समय दिया है।

2 लाख 32 हजार 950 सदस्य बने
बैठक में सदस्यता अभियान को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मरकाम ने बताया कि प्रदेश में 1 नवम्बर से सदस्यता अभियान शुरू हुआ था। अभी तक 34 हजार 985 सदस्यता बुक का वितरण किया गया है। इसमें अभी तक 9318 बुक जिला कमेटियों के माध्यम से वापस हुई है। इसमें 2 लाख 32 हजार 950 सदस्य बनाए गए हैं। इसका शुल्क 11 लाख 64 हजार 750 रुपए संगठन के पास आ गया है। बैठक में कोरोना संक्रमण को देखते हुए ऑनलाइन सदस्यता अभियान की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। बता दें कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 10 लाख सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा है।
डिजिटल प्लेटफार्म पर चुनाव प्रचार
बैठक में उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में होने वाले चुनाव को लेकर भी चर्चा हुई। इसमें वर्तमान परिपेक्ष्य में डिजिटल प्लेटफार्म पर चुनाव प्रचार के संबंध में चर्चा हुई। बता दें कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को उत्तर प्रदेश चुनाव का मुख्य पर्यवेक्षक बनाया गया है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ की एक टीम संगठन को मजबूत करने के लिए पहले से काम कर रही है। वहीं चुनाव के दौरान अन्य वरिष्ठ नेताओं के भी उत्तर प्रदेश जाने की संभावना है।
बूथों की तीन श्रेणी
रेड : इसमें उन बूथों को शामिल किया गया है, जहां कांग्रेस को कभी जीत हासिल नहीं हुई है। इन रेड बूथों में सदस्यता अभियान तेज कर दिया गया है। साथ ही ज्यादा से ज्यादा लोगों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
यलो : इसमें वे बूथ जिसमें कांग्रेस कभी जीतती है और कभी हारती है। यहां भी अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए सदस्यता अभियान चलाया जा रहा है।

ग्रीन : इन श्रेणी वाले बूथों में कांग्रेस हमेशा जीतते आईं है। इस बार इन बूथों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

(Credit by Patrika raipur)






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