कोचिंग किये बिना भी सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की जा सकती है! अब आप कहेंगे, ऐसा भी कभी होता है भला! जी हां! ऐसा होता है। ऐसा ही एक कमाल, साल 2015 में UPSC CSE में, देशभर में 93वीं रैंक हासिल करने वाली गंधर्व राठौड़ ने किया था। आज वह, द बेटर इंडिया के माध्यम से UPSC प्ररीक्षा देने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए, कुछ बहुत ही रोचक और व्यावहारिक बातें बताने जा रही हैं। जिन्हें समझकर, आपको भी UPSC परीक्षा की तैयारी करने में काफी मदद मिलेगी। वह उम्मीदवारों को इस परीक्षा की तैयारी के दौरान समय प्रबंधन के बारे में सुझाव दे रही हैं।
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कोचिंग करें या नहीं?
हालांकि, गंधर्व ने इस परीक्षा के लिए कभी किसी कोचिंग क्लास में दाखिला नहीं लिया। वह कहती हैं, “मैं दिल्ली विश्वविद्यालय में अपनी पोस्ट ग्रैजुएशन कर रही थी। इसलिए, सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे मेरे मेंटर्स से मेरी अच्छी जान-पहचान थी और इस तरह मुझे नोट्स भी मिल जाया करते थे। मेरे कुछ दोस्तों ने कई कोचिंग क्लासेस में दाखिला लिया था, तो इस वजह से मुझे पता था कि उनका सिलेबस क्या है।”
अपनी इस समझ की वजह से गंधर्व को यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करने में काफी मदद मिली।
वह कहती हैं, ”मैं घर में रहकर परीक्षा की तैयारी करना चाहती थी। पेइंग गेस्ट के रूप में कहीं रह कर तैयारी करना मेरे लिए मुश्किल था।”
वह विभिन्न विषयों के नोट्स लेने के लिए, दिल्ली के राजिंदर नगर के कई कोचिंग संस्थानों में गईं। जब वह घर लौटीं तो उन्होंने खुद ही सारी तैयारी करने के लिए एक नीति-घोषणा पत्र (Manifesto) बनाया, जिसमें उन्होंने परीक्षा की तैयारी से जुड़ी सारी बातों को क्रमबद्ध तरीके से लिखा और उस पर अमल करने लगीं।
व्यक्तिगत तैयारी के लिए नीति- घोषणा पत्र
गंधर्व ने अपनी प्रस्तुति और बोलने की शैली पर भी काफी काम किया। उन्होंने बताया, “मैंने मुख्य विषयों में सफल होने के लिए, बड़े पैमाने पर काम किया। भले ही मेरा पहला कदम प्रीलिम्स पास करना था, लेकिन मैंने पहले इंटरव्यू के लिए तैयारी की, उसके बाद मेंस और फिर प्रीलिम्स के लिए तैयारी की।”
गंधर्व ने बताया कि उन्होंने मुख्य विषयों पर काम करने के लिए, करीब 80 फीसदी समय का उपयोग किया। उन्होंने अपना आधा समय वैकल्पिक पत्रों की तैयारी में लगाया और बाकी समय अन्य विषयों को दिया। वह कहती हैं, “आप अपने वैकल्पिक पत्रों की तैयारी अच्छे से करें क्योंकि, इसे आपने ही चुना है और इसमें आप उच्च अंक प्राप्त कर सकते हैं।”
UPSC सिलेबस पर करें गौर, तय करें अपनी प्राथमिकताएं
शुरूआती दौर में हमें सिलेबस बड़ा और कठिन लग सकता है, लेकिन जब आप क्रमबद्ध तरीके से उसे छोटे-छोटे भागो में बांट कर पढ़ते हैं तो कठिन लगने वाले इस सिलेबस से आसानी से तैयारी की जा सकती है।
गंधर्व कहती हैं कि प्रत्येक विषय के लिए एक मूल NCERT और एक अन्य मानक टेक्स्टबुक का उपयोग करें। “मैंने केवल मानक किताबों से ही इस परीक्षा की तैयारी की और मुझे विश्वास था की मुझे इस परीक्षा में सफलता जरूर मिलेगी। वैसे तो बहुत सी किताबें हैं लेकिन, आप कोशिश करें कि जो प्रचलित किताबें हैं, आप उन्हीं से तैयारी करें।”
उत्तर लिखने का करें अभ्यास
गंधर्व का कहना है कि उन्होंने यूपीएससी परीक्षा से पांच महीने पहले ही पूरे सिलेबस की तैयारी कर लेने के बाद, उत्तर लिखने का अभ्यास शुरू कर दिया था। उनका कहना है, “मैंने अपने लेखन कौशल को सुधारने और परीक्षा में पूछे जानेवाले प्रश्नों का एक अंदेशा लेने के लिए ऐसा किया।” उन्होंने आगे कहा, “इस प्रकार मुझे प्रत्येक विषय पर अधिक जानकारी जुटाने में मदद मिली और मुझे यह आकलन करने में आसानी हुई कि हर विषय के लिए फिलहाल मेरी तैयारी कैसी है।”
गंधर्व बताती हैं कि उन्होंने तय किया था कि वह हर दिन पांच से सात सवालों को हल कर, उन्हें एक घंटे के भीतर पूरा करने की कोशिश करेंगी। फिर वह अन्य छात्रों द्वारा ऑनलाइन पोस्ट किए गए उत्तरों को पढ़ने में थोड़ा समय देंगी तथा वह अपने उत्तरों का ऑनलाइन पोस्ट किये गए उत्तरों से मिलान कर, जरूरी पॉइंट्स ध्यान रखेंगी ताकि वह खुद को बेहतर बना सके।
दूसरों से ऑनलाइन मदद लेना
ऑनलाइन उपलब्ध विशाल जानकारी के कोष में गुम होने की बजाए, गंधर्व ने कुछ ऐसी बातें सीखीं, जिससे उन्हें सवालों के बेहतर जवाब देने में मदद मिली।
वह कहती हैं, “मैंने अपने जवाबों को इस तरह से लिखने का प्रयास करना जारी रखा कि ये आर्थिक, राजनीतिक, कानूनी, सामाजिक-सांस्कृतिक आदि सभी पहलूओं को दर्शा सकें।”
अंत में गंधर्व कहती हैं, “ऑनलाइन या किसी परिचित व्यक्ति के माध्यम से, आपको जो भी जानकारियाँ मिलती हैं, आप कोशिश करें कि उनसे ज्यादा से ज्यादा लाभ उठा सकें। साथ ही, अपनी तैयारी की रफ्तार भी तय करें, जिससे आपको बाद में तकलीफ न हो। इसके अलावा, दो बातों पर गौर करते हुए एक ऐसे शौक को नियमित रूप से अपनाएँ, जिसमें आप खुद को पढ़ाई से थोड़ा ब्रेक दे पायें और दूसरा जब इंटरव्यू में आपके शौंक के बारे में पूछा जाए तो आप इसके बारे में बता सकें।”
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