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तीसरी लहर में स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना किट से हटा दी तीन दवाइयां, दावा सामान्य लक्षण वाले मरीज 5 दिन में हो रहे ठीक

बिना लक्षण के जिनकी जांच रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आ रही थी, वे पांच दिन की दवा खाकर ही ठीक हो जा रहे हैं। वहीं जिनको खांसी और बुखार की शिकायत है उनको ठीक होने में वक्त लग रहा है।



भिलाई. कोरोना संक्रमण के बाद होम आइसोलेशन में रहने वालों को अब स्वास्थ्य विभाग 8 के स्थान पर 5 दवाएं ही दे रहा है। बिना लक्षण के जिनकी जांच रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आ रही थी, वे पांच दिन की दवा खाकर ही ठीक हो जा रहे हैं। वहीं जिनको खांसी और बुखार की शिकायत है उनको ठीक होने में वक्त लग रहा है। वर्तमान में सर्दी खांसी की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है। जिससे संक्रमितों की संख्या जिले में एकाएक बढ़ गई है। विशेषज्ञों ने वर्तमान वेरिएंट के लिए पांच दवाओं को पर्याप्त माना है। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने यह नया किट तैयार किया है। स्वास्थ्य विभाग ने इसके पहले भी दूसरे लहर के दौरान दवाओं में कटौती की थी। तब खांसी और बुखार की गोली को किट से गायब किया गया था। अब फिर एक बार कुछ दवाओं को किट से हटाया गया है। इससे मरीजों को कितना लाभ या नुकसान होगा। यह आने वाले समय में साफ होगा।

पहली लहर के दौरान केंद्र की टीम ने की थी सराहना
कोरोना की पहली लहर के दौरान होम आइसोलेशन के किट में सात अलग-अलग दवा दी जा रही थी। उस वक्त बहुत अधिक मरीज घर में ही रहकर ठीक हो रहे थे। बेहतर रिकवरी के नाम पर केंद्र सरकार की टीम ने तब जिले की पूरी टीम को सराहा था। इसके बाद उस किट में से दो दवा को दिसंबर 2020 से कम कर दिया गया। मार्च 2021 में कोरोना की दूसरी लहर के वक्त किट में कम दवा होने का नुकसान सामने आने लगा, फिर वापस दवाओं को बढ़ाया गया।

दो दवा किए गायब, दो बदले
किट में विभाग ने पहले टैबलेट पैरासिटामॉल और टैबलेट एजिथ्रोमाइसीन 500 एमजी दिया जा रहा था। जिसे बंद कर दिया गया है। इसके बाद टैबलेट हाईड्रॉक्सीव टैबलेट हाईड्रॉक्सी अलग-अलग एमजी की दवा को भी देना बंद कर दिया। उसके स्थान पर टैबलेट इवरमेक्टिन और टैबलेट डॉक्सीसाइक्लिनदेना शुरू कर दिए हैं। इस तरह से जिन दवाओं की वजह से सराहना मिली थी, उन दवाओं को ही धीरे-धीरे कर बदल दिए हैं। अब फिर एक बार दवाओं को कम किया गया है।

केंद्र की गाइड डाइन के मुताबिक हटाए हैं दवा
डॉ. गंभीर सिंह ठाकुर, सीएमएचओ दुर्ग ने बताया कि केंद्र की गाइड लाइन के मुताबिक दवाओं को किट से कम किया गया है। जिन दवाओं की मरीजों को जरूरत है, वह दवा दी जा रही है।
किट में मिलती थी पहले 8 तरह की दवाइयां, अब दे रहे पांच :-
1 - विटामिन सी (टेब) (खाने के बाद) एक गोली सुबह, एक शाम को,
2 - मल्टीविटामिन (खाने के बाद), एक गोली दिन में एक बार,
3 - पैरासिटामॉल दिन में तीन बार जरूरत पडऩे पर (अगर सिर दर्द, बुखार, हाथ पैर में दर्द हो तो),
4 - सिट्रीजिन एक गोली रोज रात में सोने से पहले 3 दिन तक,
5 - ओमेप्राजोल, एक गोली सुबह खाली पेट में।
अब यह दवाएं हटाई गई
1 - इवरमेक्टिन (12 एमजी) 1 गोली, (खाने के दो घंटे के बाद)
2 - हाक्सीसाइक्लिन (100 एमजी) दिन में दो बार,
3 - जिंक (20 एमजी) 1-1 गोली दिन में दो बार (खाना खाने के बाद)

(Credit by Patrika)



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