हाई कोर्ट ने कहा 4 सप्ताह के भीतर निर्णय लेवें
बिलासपुर जीवन भर सेवा देने के बावजूद भी विभाग से कर्मचारी को सेवानिवृति का लाभ नहीं मिलने पर पर नाराज कर्मचारी ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया । उच्च न्यायालय ने विभाग प्रमुख को आदेशित किया है कि आवेदक की समस्या का 4 सप्ताह के भीतर निराकरण कर निर्णय लेवे।
मिली जानकारी अनुसार वन परिक्षेत्र पिथौरा अंतर्गत मकरध्वज यादव वर्ष 1981 से दैनिक वेतन भोगी के रूप में कार्यरत रहा है, जिसकी नियमित नियुक्ति वनरक्षक के पद पर वर्ष 2007 में हुई थी । वनरक्षक के पद पर कार्य करते हुए मकरध्वज यादव को 2020 में सेवानिवृत्त किया गया है जब उसकी सेवानिवृत्ति हुई तो विभाग के द्वारा लगभग रू 28600 प्रतिमाह वेतन दिया जाता रहा है किंतु सेवानिवृत्ति के बाद उसे मूल वेतन की आधी राशि पेंशन के रूप में प्राप्त होनी थी लेकिन विभाग ने मात्र रू 7750 प्रतिमाह पेंशन का निर्धारण किया है, इस पर सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने विभाग को कई बार प्रार्थना पत्र देकर आग्रह किया किंतु विभाग के द्वारा कोई रुचि नहीं ली गई लिहाजा स्थानीय अधिवक्ता बजरंग अग्रवाल के माध्यम से उसने हाई कोर्ट बिलासपुर का दरवाजा खटखटाया ।.हाई कोर्ट बिलासपुर के द्वारा पारित आदेश के अनुसार वन मंडलाधिकारी महासमुंद को निर्देशित किया गया है कि आवेदक के आवेदन पर 4 सप्ताह के भीतर उचित निर्णय लेते हुए उसे लाभ प्रदान करें ।
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