छत्तीसगढ़ के 28 में 19 जिलों के राजमार्ग और राष्ट्रीय राजमार्ग बेहद खतरनाक है। राज्य के 19 जिलों से होकर गुजरने वाले एनएच 53 और 30 में करीब 80 ब्लैक स्पॉट हैं। यहां सर्वाधिक 70 फीसदी से ज्यादा सड़क हादसे होते हैं। जहां आए दिन होने वाले हादसों में अपनी जान गंवानी पड़ती है।
रायपुर. राजमार्गों की हालत और दुर्घटना के ग्राफ को देखते हुए राज्य पुलिस अंतर्विभागीय लीड एजेंसी, पीडब्ल्यूडी, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और स्थानीय प्रशासन द्वारा सुधार किया जा रहा है। संयुक्त टीम इसे चिन्हांकित करने के बाद सड़कों को सुधारने में जुटी हुई है। वहीं हादसों को रोकने के लिए सड़क उसके आस-पास ट्रक या अन्य वाहन पार्किंग पर सख्ती से प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए स्थानीय प्रशासन और हाईवे पेट्रोलिंग को लगातार गश्त करने कहा गया है। बता दें कि दिसंबर 2021 की गणना के अनुसार राज्य में कुल 114 ब्लैक स्पॉट है।
मार्च तक ब्लैक स्पॉट सुधारने का लक्ष्य
राज्य सड़क सुरक्षा अंतर्विभागीय लीड एजेंसी द्वारा ब्लैक स्पॉट सुधारने के लिए मार्च 2022 तक का लक्ष्य रखा गया है। ताकि हादसों को रोकने के साथ ही सड़कों को सुरक्षित बनाया जा सकें। बता दें कि ब्लैक स्पॉट में कुल सड़क हादसों का 80 फीसदी इन्ही स्थानों में होता है। इसमें दोपहिया चालकों की सर्वाधिक घायल और मौतें होती है।
सबसे ज्यादा ब्लैक स्पॉट मुंगेली में
राजमार्ग में सर्वाधिक ब्लैक स्पॉट मुंगेली जिला में 6 जगहों को ब्लैक स्पॉट के रूप में चिन्हांकित किया गया है। शेष बलौदाबाजार, राजनांदगांव, बालोद, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, सूरजपुर, कांकेर में 12 और अन्य स्थानों में ब्लैक स्पॉट चिन्हांकित किए गए हैं। संजय शर्मा, एआईजी ट्रैफिक ने बताया कि प्रदेश के 114 ब्लैक स्पॉट को सुधारने का काम किया जा रहा है। इसके लिए टीम जुटी हुई है। जल्दी ही इसे सुधारने के बाद दुर्घटनाजन्य स्थानों को सुरक्षित बनाया जाएगा।
जिलेवार ब्लैक स्पॉट
जिला -ब्लैक स्पॉट
राजनांदगांव -12
रायपुर तथा सरगुजा -18
कबीरधाम और कोरबा -14
बिलासपुर,रायगढ़, सूरजपुर -18
गरियाबंद, महासमुंद -10
दुर्ग -4
बालोद, मुंगेली, कांकेर- 9
बलौदाबाजार, गरियाबंद, बेमेतरा - 6
जगदलपुर तथा कोंडागांव -1
(News Credit by Patrika)
शीर्षक एवं फोटो jholturam.com का है
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