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ओमिक्रॉन की चुनौती से निपटने के लिए मिशन मोड में जुटी मोदी सरकार, हेल्थ मिनिस्ट्री के वॉर रूम से राज्यों पर नजर

समीक्षा बैठक करते प्रधानमंत्री मोदी


 देश में ओमिक्रॉन के मामले लगातार बढ़ने पर मोदी सरकार एक्शन मोड में आ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद कमान संभाली है। पीएमओ सभी राज्यों की रियलटाइम मॉनीटरिंग कर रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय में हर दिन बैठकें हो रहीं हैं, जिसमें राज्यों की जरूरतों की समीक्षा होती है।

नई दिल्ली: देश में ओमिक्रॉन की चुनौती से निपटने के लिए पिछले एक महीने से मोदी सरकार मिशन मोड में काम कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद कमान संभाली है। स्वास्थ्य मंत्रालय का वॉर रूम 24 घंटे सक्रिय होकर देश के हर राज्य के हालात की निगरानी कर रहा। पॉजिटिविटी रेट के मामले में महाराष्ट्र पहले स्थान पर है। बंगाल और दिल्ली दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। महाराष्ट्र के मुंबई, ठाणे, मुंबई सबअर्बन और पुणे तथा बंगाल में कोलकाता, 24 परगना नार्थ और हावड़ा सर्वाधिक कोरोना प्रभावित जिले हैं।

हर दिन समीक्षा बैठक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद स्वास्थ्य मंत्रालय की तैयारियों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। ओमिक्रॉन को लेकर प्रधानमंत्री उच्च स्तरीय बैठक लेकर किशोरों को अधिक से अधिक टीका लगाने पर जोर दे चुके हैं। प्रधानमंत्री के निर्देश पर स्वास्थ्य मंत्रालय में हर दिन विशेषज्ञों की टीम के साथ समीक्षा बैठक होती है। दवाओं के बफर स्टॉक, ऑक्सीजन की उपलब्धता, अस्पतालों में बेड की उपलब्धता और टेस्टिंग की क्षमता की हर दिन समीक्षा की जा रही है।

पिछले अनुभवों से सबक
कोरोना की दूसरी लहर से केंद्र सरकार ने सबक लिया है। राज्यों को नियमित रूप से अपडेट दिया जा रहा है। राज्य को स्वास्थ्य की बुनियादी सुविधा को बढ़ाने और तैयार रखने की सूचना दी गई है। ओमीक्रॉन की चुनौतियों की हर दिन समीक्षा हो रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय का वार रुम 24 घंटे काम कर रहा है। केंद्र सरकार, पहले ही कोविड की चुनौतियों से निपटने के लिए 23 हजार करोड़ का इमरजेंसी पैकेज की घोषणा कर चुकी है और उसकी आधी धनराशि राज्यों को उपलब्ध कराई जा चुकी है।

सरकार ने की ये तैयारी

1- देश में 18 लाख आइसोलेशन बेड

2- 5 लाख ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड

3- 1 लाख 40 हजार आईसीयू बेड

4- 90 हजार आईसीयू और नॉन आईसीयू बेड विशेष रूप से बच्चों के लिए
5- 3 हजार से ज्यादा पीएसए ऑक्सीजन प्लांट

6- 4 लाख ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध हैं।

7- देश भर में 3117 टेस्टिंग लैब है।जिसमें 2014 आरटीपीसीआर टेस्टिंग लैब है, 941 ट्रूनेट, 132 सीबीनेट और 30 दूसरे लैब है जहां कोरोना वायरस जांच होती है।

8- देश मे हर दिन 20 लाख टेस्ट करने की क्षमता है। आगे आनेवाली चुनौतियों से निपटने के लिए जरुरत पड़ने पर टेस्टिंग क्षमता को बढ़ाया जा सकता है।
टॉप 3 पॉजिटिविटी रेट स्टेट

राज्य पॉजिटिविटी
महाराष्ट्र 28.46 %

बंगाल 19.79 %

दिल्ली 8.39 %

(ये आंकड़े 10 जनवरी तक के हैं)
(Credit by Patrika)

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